सोशल मीडिया पर एक दूसरे को नीचा दिखाने से बेहतर है खामोशी से ईद की नमाज़ काली पट्टी बांध कर पड़ने जाओ

फेसबुक पर एक दूसरे को नीचा दिखाने से बेहतर है खामोशी से अपना विरोध जताइए । वो चाहते हैं कि हमअग्रेसिव हों और उनका काम आसान हो जाए लेकिन हमें दिमाग से काम लेना होगा ।

कोई बुराई नहीं है कि ईद की नमाज़ काली पट्टी बांधकर पढ़ी जाए । कोई बेवकूफी भी नहीं लगती आखिर क्या चला जाएगा अगर आप ईद की नमाज़ काली पट्टी बांधकर पढ़ लेंगे ।

सोचिए अगर ईद की नमाज़ में हर हाथ में काली पट्टी होगी तो दिमाग ठनकेगा, लोग सवाल करेंगे दूसरों की खामोशी पर । दुनिया में वैसे भी इन तीन सालों की कोई खास इमेज नहीं गई है कौमी एकता की ।

अगर अब भी आप एक दूसरे को नीचा दिखाने में जुटे रहे तो कुछ नही होगा । बस छोटी सी कोशिश है लेकिन उसका असर दुनिया देखेगी । ज़रूरी नहीं कि फेसबुक पर गालीगलौच की जाए। इससे बाहर निकलने की ज़रूरत है ।

आप सड़कों पर नहीं उतर सकते तो कम से कम इतना करिए कि ईद की नमाज़ में अपना विरोध जताइए । कोई बहुत बड़ा काम नहीं करना है। अगर आपको ये बेवकूफी लग रही है तो गुज़ारिश है एक बार ये बेवकूफी कर लीजिए उनको दिखा दीजिए कि भीड़ के हाथों मरने के लिए हम तैयार नहीं हैं । हम एक हैं और हमें विरोध करना आता है ।
Nida Rahman की फेसबुक वॉल से
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