अलीगढ़। जनपद में करीब 25 लाख जनसंख्या निवास करती है जहां गूंगे, बहरे, अंधे आदि विकलागों एवं मूक बधिरों के लिये कोई विद्यालय नहीं है। सिर्फ आठवीं तक एक मूक बधिर विद्यालय है जिसको भी प्रदेश सरकार से कोई आर्थिक अनुदान नहीं मिलता है।
समस्या इस बात की है कि आठवीं की पढ़ाई करने के बाद मुक बधिर व विकलांग छात्र-छात्राओं के लिये स्नातकोत्तर स्तर तक विद्यालय की स्थापना होनी चाहिये। जिससे कि कोईभी छात्र व छात्रा शैक्षिक अवनति का शिकार न हो सके।
न्याय संगठन के अध्यक्ष सरदार मुकेश सैनी एडवोकेट ने प्रधानमंत्री को भेजे गये पत्र में कहा है कि जिला अलीगढ़ में सात विधायक चुनाव जिताकर विधानसभा में भेजे हैं। ऐसी विषम परिस्थिति में आवश्यक है कि आठवीं कक्षा के बाद स्नातकोत्तर स्तर का विद्यालय प्रारम्भ करने की घोषण की जाए जिससे कि मूक बधिर व विकलांग छा़-छात्राएं अपनी आगे की पढ़ाई कर सकें और उनका भविष्य कक्षा आठ की पढ़ाई करने के बाद अंधकार में न जा सके।
