भारत कैशलेस जब होगा तब होगा, फ़िलहाल तो बैंक कैशलेस हो गए?


अमन पठान
देश को सुनहरी ख्याब दिखाये जा रहे हैं? कालाधन बाहर लाने का प्रयास जारी है? बार बार नोटबंदी के नियमों को बदला जा रहा है? देश को नगद प्रणाली से निकालकर कैशलेस प्रणाली से जोड़ने का पीएम मोदी प्रयास कर रहे हैं। देश जब होगा तब होगा कैशलेस, फ़िलहाल तो देश के बैंक और आम जनता कैशलेस हो गई है।
नोटबंदी पर मोदी सरकार ने 44 दिन में 126 बार नियमों को बदला है। शायद ही पीएम मोदी ने इतनी बार कपड़ों को बदला होगा। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिना सोचे समझे एक नया फरमान जारी कर देते हैं। जिसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ता है। पीएम मोदी पहले देश की बैंकों को कैश प्लस करते। कैशलेस प्रणाली को लागू करने से पहले कैशलेस सुरक्षा नीति बनाई जाती। फिर बेहतर इंटरनेट सेवा लोगों को प्रदान की जाती। उसके बाद कैशलेस प्रणाली को लोगों तक पहुंचाने का काम किया जाता, लेकिन जल्दबाजी में लिया गया कैशलेस योजना लोगों के लिए सिरदर्द बन रही है।
कानपुर सहित कई जिलों से मोबाइल बटुओं से पैसे चोरी होने के मामले प्रकाश में आये हैं। स्लो इंटरनेट के चलते केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान भी डिजिटल पेमेंट नही कर पाए। लिहाजा उनके पीए ने नगद पेमेंट कर उनकी इज्जत बचा ली। स्लो इंटरनेट कैशलेस प्रणाली सिर्फ महानगरों में कारगर साबित हो सकती है। छोटे शहरों और कस्बाई इलाकों में कैशलेस प्रणाली महज एक दिखावा साबित होगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post