गुरू जी ने अपनी शिष्या की लूट ली आबरू, पुलिस को तहरीर का इंतजार


जौनपुर के नेवढि़या थाना क्षेत्र के एक गाव में गुरूजी ने अपने ही स्कूल की एक छात्रा की आबरू लूट ली। गरीब परिवार से पीड़िता के जुड़े होने के नाते मामला लेनदेन पर अटका हुआ है। साथ ही भुक्तभोगी परिवार अपने परिवार की लाज बचाने के कारण शांत है।मामला संगीन होने के नाते पुलिस और विभागीय अधिकारी शिकायत पत्र का इंतजार कर रहे हैं।दो दिन पहले हुई इस गंभीर घटना पर सभी चुप्पी साधे हैं। हालाकि, पुलिस ने ऐसी किसी घटना से साफ इंकार कर दिया।
सोमवार को कक्षा 8 की एक छात्रा (13) विकास खण्ड रामनगर अंतर्गत जूनियर हाईस्कूल में पढ़ने गई थी। कई दिनों से विद्यालय के ही एक गुरूजी की नीयत छात्रा पर खराब थी। गुरूजी ने उसे बहला-फुसलाया और सूनसान जगह ले गए।चर्चा है कि यहा गुरूजी ने छात्रा की अस्मत लूट ली। इसके बाद छात्रा को डराया-धमकाया और घर भेज दिया।दुराचार से हुई असहनीय पीड़ा का मर्म उसने अपनी मां को सुनाया।मानवता की सारे हदें तोड़ देने वाली इस घटना से अचंभित माँ ने परिवार के अन्य सदस्यों को यह दास्ता सुनाई। परिवारीजन ने पीड़िता का उपचार निजी अस्पताल में करवाया। घबराए आरोपी शिक्षक पीड़िता के घर पहुंच गए। परिवार की माली हालत ठीक न होने का भरपूर फायदा उठाया।गुरूजी ने लोक-लाज बचाने का हवाला देते हुए पीड़ित परिवार पर सुलह-समझौता का दबाव बनाना शुरू कर दिया।पशोपेश में फंसे परिवार ने गुरूजी की ही बात मानने में भलाई समझी। इस नाते घटना को दो दिन गुजर गए लेकिन अभी तक थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई।
मामला संगीन होने के नाते गोपनीय तरीके से बात शिक्षा के विभागीय अधिकारियों के अलावा पुलिस तक जा पहुंचा।पीड़ित परिवार की ओर से कोई तहरीर न दिए जाने के चलते अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका।घटना की बाबत पूछे जाने पर नेवढिय़ा थानेदार ने बताया कि ऐसी कोई घटना संज्ञान में नहीं है।कुछ भी हो गुरु शिष्य का रिश्ता तो इस कलयूगी ने तार तार कर ही दिया है।
रियाजुल हक
केयर आफ मीडिया ब्यूरो रिपोर्ट

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