नई दिल्ली। दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं जहां राजनीति और करंसी न चलती हो, लेकिन भारत में ही एक जगह ऐसी है जहां ये दोनों ही नहीं चलते। इस शहर का नाम है ऑरोविले।
ऑरोविले चेन्नई से 150 कीलोमीटर की दूरी पर है। इसकी खोज 1968 में यूनेस्को ने की थी। करीब 2400 की आबादी वाले इस शहर में कानून से लेकर पॉलिटिक्स तक कुछ नहीं चलता।
इतना ही नहीं शांति, प्यार और मिलकर रहने वाले ऑरोविले वासियों के पास पैसे भी नहीं हैं। यहां पर लगभग 50 देशों के विभिन्न धर्मों के लोग बिना किसी विवाद के साथ रहते हैं और आपस में सामानो का आदान प्रदान करके अपना जीवन जीते हैं।
यहां के मकान स्थायी नहीं होते। समय समय पर इसमें बदलाव किए जाते हैं ताकि प्राकृतिक लाभ लोगों को मिलता रहे। यह शहर काफी सुंदर है और इसे डिजाइन फ्रांस के रहने वाली मीर अल्फासा ने किया था। वहीं, खेती करने के लिए 160 हेक्टेयर में 15 फार्म बनाए गए हैं, जिसमें 50 ग्रामीण और करीब 300 पड़ोस के लोग काम करते हैं। ऑरोविले में दूध और फल का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में होता है।
