अब प्राइवेट स्कूल वाले नहीं बच पाएंगे,CM योगी ने दिए निर्देश

लखनऊ. प्राइवेट स्कूलों की फीस पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगाम लगाने जा रही है। अब प्राइवेट स्कूलों की फीस भी सरकार की समिति के द्वारा ही तय की जाएगी। आपको बता दें कि योगी सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की फीस नियंत्रण के लिए समिति बनाई है। यह समिति माध्यमिक शिक्षा के प्रमुख सचिव की अगुवाई में काम करेगी। इस समिति में उच्च शिक्षा के प्रमुख सचिव और बेसिक शिक्षा के सचिव भी शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही माध्यमिक व बेसिक शिक्षा निदेशक और लखनऊ विश्वविद्यालय के वीसी एसपी सिंह भी इस 9 सदस्यीय समिति में शामिल किए गए हैं।
आपको बता दें कि अधिकतर प्राइवेट स्कूलों पर मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने का आरोप है, जिसके विरोध में अभिभावक लगातार प्रदर्शन भी कर रहे हैं। कुछ जिलों में स्थिति ऐसी देखने को मिली की स्कूल में ही किताब और ड्रेस बेचने वाली दुकानें धड़ल्ले से चल रही हैं। दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन अपने हिसाब से फीस बढ़ोतरी कर रहे हैं, जबकि फीस बढ़ोतरी के लिए अभिभावकों की समन्वय कमेटी से पास कराना जरूरी है. लेकिन स्कूल प्रबंधन मनमानी कर जबरन फीस बढ़ा देते हैं। निजी स्कूलों की इस मनमानी से अभिभावकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
दरअसल उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदलना चाहती है और इसके लिए उसने तैयारी भी शुरू कर दी है। प्रदेश सरकार यूपी बोर्ड को भी सीबीएसई बोर्ड की तरह एनसीईआरटी पैटर्न पर लाने के लिए योजना बन रही है। आपको बता दें कि यूपी बोर्ड के पैटर्न को एनसीईआरटी पैटर्न पर किए जाने से प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले यूपी के लाखों छात्रों को काफी राहत मिलेगी। डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा के मुताबिक सरकार यूपी में एनसीईआरटी पैटर्न पर पाठ्यक्रम निर्धारित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसके साथ ही शिक्षा माफियाओं का दखल खत्म करने के लिए स्वकेंद्र प्रणाली समाप्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके साथ ही नए स्कूलों की मान्यता पर रोक लगाने और नया शैक्षिक कैलेंडर लागू करने की भी तैयारी जोरों पर है।
इसके अलावा अब उत्तर प्रदेश में नए स्कूलों को माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड मान्यता नहीं देगा। सीएम योगी का यह आदेश भी पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गया है। आपको बता दें कि योगी सरकार इस कदम से व्यवसाय बन चुकी शिक्षा व्यवस्था पर लगाम लगाने की कोशिश में है। अब मान्यता दिए जाने के नियमों में और कड़ाई बरती जाएगी जिसमें मानक तय होने के बाद ही अगला आदेश आएगा। अब प्रदेश में मान्यता के लिए जब नया आदेश आएगा तब मानक और कठोर हो जाएंगे। जिसमें फीस निर्धारण, स्कूल में बेहतर सुविधा, बिजली, पानी, शौचालय, टीईटी और बीएड पास शिक्षक, भूकंपरोधी स्कूल के कमरे, खेल मैदान समेत कई नए नियम बोर्ड से मान्यता के लिए आवश्यक होंगे।
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