किसान को पड़ा हार्टअटैक बैंक ऋण की वसूली करने गई अधिकारियों के हाथ-पैर फूले


अलीगढ़। जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्य योगी नाथ किसानों के कर्जा को माफ करने की बात कर रहे हैं वहीं कुछ नौकरशाहों द्वारा मनमानी करते हुये सीएम की ऋण माफी योजना को पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही मामला जिला मलखान सिंह अस्पताल में देखने को मिला जहां थाना विजयगढ़ के गांव शहवाजपुर में एक किसान ने वर्षों पूर्व ट्रैैक्टर खरीदने के लिये बैंक से लोन ले लिया था।
कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई थी। मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे किसाने के बेटे को तहसील कोल एवं बैंक से अधिकारी घर से गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगे। अधिकारियों की कार्यवाही के भय से किसाने के बेटे को गहरा सदमा लगा और उसे हार्टअटैक का दौरा पड़ गया। उसे बेहोश देख अधिकारियों के होश उड़ गये और वसूली करना तो भूल गये और उसे उपचार के लिये अपनी सरकारी गाड़ी में डालकर जिला मलखान सिंह अस्पताल लेकर पहुंचे।
जहां डाक्टर ने किसान के बेटे को भर्ती कर लिया, जिसके बाद अधिकारियों की जान में जान आई और वह अपने गतंव्य को रवाना हो गये।
गांव शहवाजपुर की रहने वाली गुड्डी देवी पत्नी स्व. रूकमपाल सिंह ने बताया कि उसके पति द्वारा सन 2010 में बैंक से 8 लाख 40 हजार रूपये का ऋण लेकर एक ट्रैक्टर खरीदा था, जिसके तीन लाख रूपये उन्होंने अदा कर दिये थे, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। उसने बताया कि मंगलवार की सुबह करीब 9 बजे तहसील कोल व बैंक के अधिकारियों की एक टीम उसके घर पर पहुंची और उसके बेटे 35 वर्षीय ललित को अपनी गाड़ी में बैठा कर ले जाने लगे जिसका ललित ने विरोध किया और अधिकारियों से आग्रह किया कि वह आठ दिन के अंदर बैंक का बकाया ऋण अदा कर देगा, लेकिन किसी भी अधिकारी ने उसकी बात नहीं सुनी और उसे सरकारी गाड़ी में डालकर ले जाने लगे कि तभी अचानक उसे हार्टअटैक का दौरा पडज्ञ़ गया और वह बेहोश होकर गाड़ी में ही गिर पड़ा। ललित की हालत गम्भीर देख अधिकारियों के होश उड़ गये और आनन-फानन में उसे उपचार हेतु जिला मलखान सिंह अस्पताल लेकर दौड़ पड़े।  
Previous Post Next Post