राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के पात्रों का टीमें करेंगी सत्यापन


प्रवीण मिश्रा
श्रावस्ती। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत जिलें में अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्तियों का सत्यापन कराने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया है ताकि इस योजना से अछूते रह गये वास्तविक गरीब, असहाय व्यक्तियों को लाभान्वित किया जा सके।
जिसकी जानकारी कलेक्ट्रेट स्थिति तथागत हाल में सत्यापन में लगाये गये अधिकारियों /कर्मचारियों, नोडल
अधिकारियों एवं पर्यवेक्षणीय अधिकारियों के बैठक करने के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने दी है। श्री मीणा ने जोर देते हुये कहा कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 का संचालन जिस उद्देश्य से किया है और पात्रता की जो शर्ते निर्धारित की गयी है।
उसी के मुताबिक सत्यापन अधिकारी पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता के साथ अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्तियों के कार्डो का सत्यापन कराना सुनिश्चित करें, ग्राम पंचायतों के सत्यापन कार्य में जिले के सभी लेखपालों/सचिवों को लगाया गया है वही शहरी/नगरीय क्षेत्रो में सत्यापन कार्य के लिए आगंनबाड़ी
कार्यकत्रियों/पूर्तिनिरीक्षकों/नगर पंचायत कर्मिकों को लगाया गया है।
जिलाधिकारी ने सभी सत्यापन अधिकारियों/नोडल अधिकारियों एवं पर्यवेक्षणीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सत्यापन टीम द्वारा लार्भाथियों की सूची की एक प्रति किसी सार्वजनिक स्थान पर चस्पा किया जाय तथा उन पर जन सामान्य की आपत्तियां प्राप्त की किया जाए। माह मई के प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को सत्यापन टीम के अधिकारी /कर्मचारी सम्बन्धित ग्राम के सार्वजनिक स्थल पर बैठकर नये आवेदन-पत्र प्राप्त करने हेतु एवं चस्पा की गयी सूची पर आपत्तियां प्राप्त करेंगे। इस पर्यवेक्षण कार्य के लिए जोनल/सेक्टर अधिकारी लगाये गये है। सत्यान टीम द्वारा घर-घर जाकर प्राप्त सूची एवं फार्म से सत्यापन किया जाय, सत्यापन के दौरान यदि कोई सूचना गलत अंकित है तो उसे नोट किया जाय तथा साथ ही फार्म में उल्लिखित अन्य जानकारियों को भी अकिंत किया जाय। सत्यापन के पश्चात फार्म में स्पष्ट रूप से पात्र अथवा अपात्र अंकित किया जाय सत्यापन के दौरान यदि कोई व्यक्ति जो अधिनियम के अनुसार पात्र है तो उसका नया फार्म भरवाया जाय सत्यापन पूर्ण करने के पश्चात अपात्र पाये गये व्यक्तियों की सूची तथा नये पात्र व्यक्तियों की सूची तैयार किया जाये प्रत्येक उचित दर दुकानवार प्राप्त समस्त फार्मो को बाईडिंग कराकर रजिस्टर के रूप मेें सुरक्षित रखा जाय जिसे न्याय पंचायत स्तर के पर्यवेक्षणीय अधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी अथवा उसके द्वारा नामित कोई अधिकारी सत्यापन कर सके।
उक्त सूची को ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम सभा की खुली बैठक एवं नगरीय क्षेत्रो में किसी सार्वजनिक स्थान पढ़ा जाय तथा उसे सत्यापित कराते हुए आवश्यक संशोधन
किया जाय ग्राम पंचायतों की खुली बैठक में उचित दर दुकानदार स्तररीय सतर्कता समिति के सदस्यों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाय। उक्त बैठक के बाद आपात्रों के एवं नये जुड़ने वाले पात्र व्यक्तियो की पृथक- पृथक अन्तिम सूची तैयार की जाये पाये गये अपात्र व्यक्तियों की सूची से व्यक्तियों को से नाम हटाने एवं जोड़े जाने की कार्यवाही कम्प्यूटर में आनलाइन कराया जाय। सत्यापन के दौरान जिलाधिकारी ने सत्यापन कार्य में लगे अधिकारियों/कर्मचारियों, नोडल एवं पर्यवेक्षणीय अधकारियों को निर्देश दिया है कि सत्यापन के दौरान सरकार द्वारा जो मानक निर्धारित किया गया है उसका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करके इस योजना के वास्तविक हकदारों की सूची तैयार करवाये ताकि छूटे गरीब असहाय पात्र व्यक्तियों को इस योजना से जोड़ा जा सके। जिलाधिकारी ने बताया है कि सरकार द्वारा सत्यापन हेतु निम्न शर्ते निर्धारित की गयी है- ग्रामीण क्षेत्र हेतु- शर्त
1. निम्नलिखित व्यक्ति व उनके परिवार भिक्षावृति करने वाले, कुष्ठ रोगो से प्रभावित/एड्स से पीड़ित, अनाथ/माता-पिता विहीन बच्चें, स्वच्छकार।
2.भूमिहीन मजदूरों के परिवार।
3.  गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार(राजस्व विभाग के अद्यावधिक आय प्रमाण पत्र क आधार पर)
4. परित्यक्त महिलायें,
5.  ऐसे परिवार जिनका मुिखया निराश्रित महिला, विकलांग अथवा मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति है इस परिवार में कोई बालिग पुरूष नही है।
6.आवासहीन परिवार एवं ऐसे परिवार जिनके स्वामित्व में 30 वर्ग मी0 क्षेत्रफल तक के ऐसे कच्चे आवास हो जो उनकी निजी भूमि पर हो तथा जिनमें वे स्वंय निवास करते हो सम्मिलित माने जायेंगे।
7.उपरोक्त अतिरिक्त अन्य सभी (आरोही क्रम में)
सत्यापन के समय यदि परिवार का कोई सदस्य।
निम्नलिखित किसी भी एक श्रेणी के अन्तर्गत आता है तो वह परिवार इस योजना के लिये अपात्र होगा।
1.  समस्त आयकर दाता।
2.ऐसे परिवारों जिसके किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर अथवा
हार्वेस्टर, वातानुकूलन यंत्र (एयर कंडीशनर) व पाॅच केवीए या उससे अधिक क्षमता का जनरेटर हों
3.  ऐसा परिवार जिसके किसी सदस्य के पास अकेले या
अन्य सदस्य के स्वामित्व में पाॅच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि हो, किन्तु बुन्देलखण्ड एवं सोनभद्र जनपद में कैमूर पर्वतमाला के दक्षिणी क्षेत्रों में यह सीमा 7.50 एकड़ होगी।
4.ऐसे परिवार जिनकी समस्त सदस्यों की आय
रू0 2.00 लाख प्रतिवर्ष से अधिक हो।
5. ऐसे परिवार जिनके सदस्यों के पास एक से अधिक शस्त्र का लाइसेंस/शस्त्र हो।
नगरीय क्षेत्र के लाभार्थियों हेतु शते
1. निम्नलिखित व्यक्ति या उनके परिवार कुष्ठ रोगो से प्रभावित/एड्स से पीड़ित, अनाथ/माता-पिता विहीन, परित्यक्त महिलायें,कचरा ढोना/स्वच्छकार।
2.ऐसे परिवार जिनके आय का वर्तमान मुख्य स्रोत निम्न में से कोई एक है। भिक्षावृति करने वाले, घरेलू काम काज, जूते चप्पल की मरम्मत, फेरी लगाना कोमचे वाला, रिक्शा चालक इत्यादि।
3.अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति एवं तत्पश्चात अन्य वर्गो के भूमिहीन मजदूरों के ऐसे परिवार जिनके मुखिया दैनिक वेतन भोगी, मजदूर तथा कुली पल्लेदार इत्यादि हो
4.  गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार (राजस्व विभाग के अद्यावधिक आय प्रमाण पत्र के आधार पर)
5. ऐसे परिवार जिनका मुखिया निराश्रित महिला, विकलांग अथवा मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति है इस परिवार में कोई बालिग पुरूष नही है।
6.  आवासहीन परिवार।
7.ऐसे परिवार जो ऐसे आवासों में रहते है जिनकी छत पक्की न हो।
8.उपरोक्त के अतिरिक्त अन्य सभी(आरोहीक्रम में)। इस अवसर पर सभी उपजिलाधिकारीगण, जिलापूर्ति अधिकारी, तहसीलदारगण एवं सत्यापन कार्य मे लगाये गये अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

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