गोरखपुर : हाल ही निपटे विधानसभा में चिल्लूपार से एक बड़ा कलंक तो साफ हो गया, लेकिन भटकती प्रेतात्माएं अब तक यहां विचरण कर अपना डेरा डालने की जुगत भिड़ा रही हैं। राजनीति में बीता कल साबित हो चुके मुक्तिधाम वाले बाबा राजेश त्रिपाठी ने अब तक मुक्तिधाम का पिण्ड नहीं छोड़ा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यही तो वह कारण है, जो चंद लोगों की रोजी-रोटी बना हुआ है, ऐसे में उसे छोड़ पाना ऐसे लोगों के वश की बात नहीं होती।
बहरहाल, ताजा खबर यह है कि यहां के विधायक के चुनाव में औंधे मुंह गिरे पूर्व विधायक राजेश त्रिपाठी ने अब इस क्षेत्र के विकास को लेकर खूब आंसू बहाये। लेकिन राजेश त्रिपाठी यह भूल गये कि जनता उनसे यह सवाल पूछ रही है कि अगर यह सारी समस्याएं बरसों पुरानी हैं, तो वे अपने दस साल के कार्यकाल में आखिर क्या करते रहे थे। और चुनाव हारने के बाद वे क्यों ऐसे घडि़याली आंसू-टेसुए बहा रहे हैं।
इतना ही नहीं, पूर्व विधायक राजेश त्रिपाठी मानते हैं कि चिल्लूपार में गन्ना का पूरी तरह अभाव है, लेकिन इसके बावजूद राजेश त्रिपाठी का दावा है कि उन्होंने इस बारे में बहुत विस्तृत चर्चा की। जाहिर है कि जब गन्ना की उपलब्धता ही नहीं है, तो ऐसी हालत में चीनी चलाने वाली बातचीत का औचित्य ही क्या था। बड़हलगंज के एक व्यवसायी ने राजेश त्रिपाठी के बारे में एक नारा गढ़ लिया है:- बकलोल आदमी कैसा हो, मरघट बाबा जैसा हो
खैर, राजेश त्रिपाठी ने वाट्सएप पर एक मैसेज भेजा है। आप भी उसे निहार लीजिए, और जायजा लीजिए कि चुनाव हारने के बाद खिसियाया हुआ शख्स क्या-क्या करतब दिखाता है:- कल यूपी के लोकप्रिय मुख्यमंत्री पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज से उनके कार्यालय में चिल्लूपार की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु मिलने का सुयोग बना ....!
साभार मेरी बिटिया डॉट कॉम
Tags:
Uttar pradesh
