अलीगढ़। एसएसपी कार्यालय पर गत दिनों एक छात्रा द्वारा न्याय न मिलने के कारण अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया था जिसे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा आत्हदाह करने से रोका और पुलिस कप्तान के समक्ष पेश किया जहां से उसे थाना सिविल लाइन भेज दिया गया और बाद में उसे निजी मुचलके पर थाने से छोड़ दिया गया।
पुलिस कर्मियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हुये सोमवार को एक विधवा महिला अपने तीन बच्चों के साथ अपनी जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जे की शिकायत लेकर अपने साथ मिट्टी के तेल से भरी प्लास्टिक की केन लेकर आत्मदाह के उद्देश्य से जा पहुंची, लेकिन छात्रा के आत्दाह के प्रयास कि बाद पुलिस कप्तान कार्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात कर निर्देशित कर दिया कि किसी भी फरियादी को बिना तलाशी के अन्दर प्रवेश न करने दिया जाए। इसी के तहत मिट्टी के तेल से भरी केन को लेकर महिला को बाहर मुख्य गेट पर ही रोक लिया गया।
काफी देर तक महिला रोते हुये अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह को लेकर महिला पुलिसकर्मी से उलझती रही, लेकिन पुलिस कप्तान की नजर सीसीटीवी कैमरे पर पहुंच गई और उन्होंने पीआरओ सर्वेश कुमार को भेजकर महिला को अपने पास बुलाकर डांट-फटकार लगाते हुये सात दिन में उसे न्याय दिलाने का आश्वासन दे दिया।
थाना जंवा के कस्बा बरौली के हरनाम का बांस की रहने वाली बेवा शकुन्तला देवी पत्नी स्व. बाबूलाल ने बताया कि वह किराये के मकान में रहकर बड़े घरानों में जाकर चौका बर्तन करती है, उसके तीन बच्चे दो बेटियां छाया व पायल तथा बेटा नरेश है, गांव में उसकी साढ़े छह बीघा जमीन है जिस पर दुर्गशपुरी के रहने वाले ऐजाज पु. मियां खां ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इसके सबंध में उसने उसके खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कराया था और मामला कोर्ट में पहुंच गया।
जहां धन और बल का प्रयोग मुकद्दमें को आरोपियों ने निरस्त करा दिया है। उसका कहना है कि अनेकों बार वह उच्चाधिकारियों के पास शिकायत कर चुकी है,लेकि आज तक उसकी जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया गया है। उसने बताया कि रविवार को तहसील की टीम लेखपाल कानूनो व बरौली पुलिस चौकी प्रभारी उसकी जमीन की पैमाईश करने गये थे बाद में तहसील की टीम तो वापस चली गई,लेकिन चौकी प्रभारी ने आरोपियों से सांठगाठ करते हुये दबंगों से खेत की जुताई करा दी। उसने बताया कि ऐजाज ने उसकी विधवा पैशन बधवाने के बहाने फर्जी तरीके से जमीन के कागजों पर अंगूठा लगवा कर 20 हजार रूपये में अपने नाम से जमीन का पट्टा करा लिया था। जिसमें एक थाना सासनीगेट की रहने वाली महिला शकुन्तला देवी पत्नी बाबूराम के हस्ताक्षर हैं।
जब फर्जी हस्ताक्षरों द्वारा अपने नाम पट्टा कराकर ऐजाज उसके खेत को जोतने के लिये पहुंचा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई और उसने पुलिस को सूचना देकर जुताई को रूकवाया था। एसएसपी राजेश पाण्डेय ने पीड़िता को सात दिन के अंदर उसकी जमीन कब्जा मुक्त कराने का भरोसा दिया है।
