अब भाजपाई चलाएंगे चापलूस हटाओ अभियान


खान अशु 
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की अंदरुनी टसल अब सडक़ों पर दिखाई देने लगी है। नई कार्यकारिणी में शामिल किए गए कुछ लोगों से नाराज मोर्चा के पुराने कार्यकर्ताओं ने अब पोल खोलो अभियान छेडऩे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इस दौरान वे पार्टी के आला नेताओं से ऐसे चापलूस कार्यकर्ताओं को बाहर करने की मांग भी करेंगे, जो अपने फायदों की वजह से पार्टी का झंडा पकडक़र खड़े हो गए हैं।
चंद दिनों पहले वजूद में आई प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की कार्यकारिणी को लेकर पुराने मुस्लिम भाजपाईयों का गुस्सा ठंडा नहीं हो पा रहा है। पार्टी स्तर पर अपनी बात रख चुके यह कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर लगातार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। इससे आगे चलकर अब पुराने कार्यकर्ताओं ने ऐसे लोगों को चिन्हित करने का अभियान शुरू कर दिया है, जो पहले दूसरी सियासी पार्टियों से जुड़े हुए थे और बाद में अपनी राजनीतिक अपेक्षाएं पूरी करने तथा व्यक्तिगत कामों की आसानी के लिए भाजपा के साथ जुड़ गए हैं। पुराने कार्यकर्ताओं ने ऐसे लोगों की कुंडली तैयार कर भाजपा हाईकमाने को सौंपने की तैयारी की है। उनका कहना है कि भाजपा की साफ-सुथरी छवि को कलंकित करने वाले ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जाना जरूरी है।

कुछ नए, कुछ मफाद परस्त
सूत्रों का कहना है कि नवनियुक्त मोर्चा अध्यक्ष डॉ. सनव्वर पटेल को राजधानी और प्रदेश की मुस्लिम राजनीति की समझ कम है। साथ ही उनका दायरा भी संकुचित है। यही वजह है कि नई कार्यकारिणी में ऐसे लोगों को शामिल कर लिया है, जो पार्टी ही नहीं बल्कि समाज के लिए भी नए चेहरे हैं। ऐसे लोगों के साथ मोर्चा की गतिविधियों को चला पाना मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव जैसा दिखाई दे रहा है। नई कार्यकारिणी में ऐसे लोगों को भी शामिल कर लिया जाना, जिनके निहित स्वार्थ स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं, को लेकर भी पुराने कार्यकर्ताओं में विरोध पनप रहा है। इसके अलावा आपराधिक प्रवृत्ति और कानूनी पचड़ों में फंसे लोगों का भी इस टीम में आ जाना पुराने कार्यकर्ता पचा नहीं पा रहे हैं।

इनका कहना 
मोर्चा कार्यकर्ताओं के आपसी पारीवारिक मतभेद हैं, जिन्हें मिल-बैठकर सुलझा लिया जाएगा। कार्यकारिणी में शामिल लोगों के बारे में बेहतर छानबीन कर ही उन्हेंं जिम्मेदारी दी गई है। इसके बाद भी अगर कोई दोषी साबित होता है, तो उसे रिप्लेस करने का अधिकार पार्टी के पास सुरक्षित है।
डॉ. सनव्वर पटेल,
अध्यक्ष, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा



  • -सच कहना अगर बगावत है तो मैं निश्चित तौर पर बागी हूं। लेकिन बरसों जिस पार्टी की सेवा की है, उसकी बागडोर नासमझ, कम जानकार और चापलूस-चाटुकारों के हाथ चली जाए, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों की सूची बनाकर आला नेताओं को दी जाएगी और इन्हें बाहर का रास्ता दिखाने की गुजारिश की जाएगी।
  • असद मकसूद,
  • पूर्व कार्यालय मंत्री
  • भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा
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