तुफैल इदरीसी
अमेठी: अमेठी का पोस्टमार्टम हाउस बनकर तैयार है लेकिन आज भी हमारे जनपद अमेठी की घटना दुर्घटना में मृत्यु को प्राप्त हुए लोगों की लाश गैर जनपद रायबरेली और सुल्तानपुर भेजी जाती हैं।
पोस्टमार्टम के लिए अगर इस जनपद का पोस्टमार्टम हाउस शुरू करा दिया जाए तो सबसे ज्यादा जो दिक्कत पुलिस विभाग को आती है दो जिलों का चक्कर लगाना पड़ रहा है वह चक्कर लगाना खत्म हो जाएगा यही नहीं लोगों को जनपद में गाडी बुक करके जाना पड़ता है। लाश को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए पुलिस को वाहन ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है और मैनेज करना पड़ता है।
सूत्र बताते हैं कहीं न कहीं यह पैसा पीड़ित परिवार को भी देना पड़ता है यही नहीं वहां पोस्टमार्टम हो जाता है उसके बाद में 500रु 1000रु उसमें देना पड़ता है तब जाकर के मिलती है लाश रोता बिलखता पीड़ित परिवार 500 से ₹1000 देने के लिए बाध्य होता है इस जनपद के जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ में इस जनपद के जुझारु ईमानदार पुलिस ऑफिसर अनीस अहमद अंसारी जी आपकी तरफ अमेठी जनपद की जनता भरी निगाहों से मांग करती है और आशा लगाए बैठी है कि इस जनपद का PM हाउस जल्द से जल्द स्टार्ट कर दिया जाए जिससे पीड़ितों को परेशानी से बचाया जा सके।
गैर जनपद ना जाना पडे़ सुल्तानपुर के पोस्टमार्टम हाउस में मुकदमा अपराध संख्या 176 /07 धारा 304 419 420 इंडियन मेडिकल कौंसिल एक्ट की धारा 15 के अंतर्गत 19 12 2007 को लाश खोद कर पोस्टमार्टम के लिएी गई थी कोर्ट के आदेश के बाद भी पोस्टमार्टम हाउस के अखिलेश सिंह आज भी कुमारी अंबिका जी की लाश कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं दे रहे हैं और लंबे समय से वहां पर तैनात है जो पीड़ितों के साथ अभद्र व्यवहार गाली गुप्ता करते हैं कोर्ट कचहरी को कुछ नहीं मानते जल्द से जल्द जनपद अमेठी का पोस्टमार्टम हाउस चालू कराया जाय।
