एटा में बीएलओ की मनमानी, तहसील कार्यालय को दे रहे हैं भ्रामक सूचनाएं


सुनील कुमार
एटा। जैथरा नगर पंचायत में बीएलओ की मनमानी जारी है। वे किसी भी आवेदक को पावती नहीं दे रहे हैं । पात्रों के वोट बनने पर भी ग्रहण लगता नजर आ रहा है। तहसील कार्यालय को भी आवेदनों के  विषय में सही जानकारी नहीं दी जा रही है । बीएलओ की मनमानी से लोगों में आक्रोश है ।
    राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर निकायों में वोट घटाने - बढ़ाने का काम चल रहा है । जैथरा में आयोग के तय कार्यक्रम से दो दिन बाद यह अभियान शुरू हुआ था । आयोग ने पुनरीक्षण अभियान की तिथि 9 मई से 15 मई नियत की थी, परन्तु जैथरा में यह कार्य सुचारू रूप से 11 मई से शुरू हुआ था । 10 मई को स्वयं एसडीएम अलीगंज मोहन सिंह ने बूथों का निरीक्षण किया था, जिसमें बीएलओ गैरहाजिर मिले थे। एसडीएम ने उस दिन अभियान में अतिरिक्त दिन बढ़ाने की बात कही थी । एसडीएम ने घर-घर जाकर वोट बढ़ाने के आदेश दिए थे, बावजूद इसके कई बीएलओ ने हठधर्मिता दिखाई।
    अब बीएलओ आवेदन पत्र की पावती देने में अपनी मनमानी कर रहे हैं । जैथरा नगर पंचायत के कुछ वार्डों के बीएलओ ने आवेदकों को पावती दी है, जबकि आधे से अधिक वार्डों के बीएलओ ने कोई पावती नहीं दी है । एक बीएलओ टूंडला से जब कभी आकर कोरम पूरा करते रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पावती न देने वाले बीएलओ ने तहसील कार्यालय को गलत सूचना भी दी है।
बताते हैं कि आज तहसील से आरके ने आवेदनों की जानकारी के सम्बंध में बीएलओ को फोन किया था, तो कुछ बीएलओ ने आवेदनों की संख्या- 5 व 6 बताई, जबकि आवेदनों की संख्या 50 से अधिक थी। झूठी सूचना से बीएलओ की सत्यनिष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। इससे साफ है कि सम्बन्धित बीएलओ की वोट बढ़ाने की मंशा नहीं है । ऐसा कर बीएलओ आयोग के मंसूबों को पलीता लगा रहे हैं और पात्रों को मताधिकार से वंचित करने का कुचक्र रच रहे हैं ।
      लोगों ने जिला प्रशासन व एसडीएम अलीगंज से सम्बंधित बीएलओ के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
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