अजयकांत पटेल
गिलौला/श्रावस्ती। बाल विवाह जैसी कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय गिलौला के छात्राओं ने रैली निकाल कर जन-जन को जागरूक किया।
लोगों को बाल विवाह से होने वाले नुकसान के बारे में बताते हुए जागरूक किया और इस तरह की सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की अपील की है।
जागरूकता रैली गांव व् कस्बे में होते हुए वापसी में नेहरू स्मारक इण्टर कालेज के गेट के सामने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगो को बाल विवाह रोकने का सन्देश दिया।
उपस्थित लोगो को शपथ दिलाई। रैली में छात्राओं बाल विवाह संबंधित स्लोगन से लिखी तख्तियां और बैनर लिये हुए थे। जागरूकता रैली में पढ़ने लिखने की उम्र है बाल विवाह जुल्म का नारा लगया गया। इसके बाद बाल विवाह के बारे में विद्यालय की वार्डेन रंजीता पटवा ने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की की शादी करना अपराध है। इस अपराध से नाबलिग का भविष्य तो चौपट होगा ही, परिजनों को भी जेल की हवा खानी पड़ सकती है। विद्यालय ही कि सुमित्रा गुप्ता ने कहा कि समाज में सरकार द्वारा निर्धारित आयु लड़के की 21 वर्ष एवं लड़कियों की आयु 18 वर्ष होनी चाहिए, परंतु अब भी समाज में कुरीतियां बाल विवाह के रूप में चल रही हैं। यह बच्चों के साथ अन्याय है। इस मौके पर रंजीता पटवा, सुमित्रा गुप्ता, सुमन, ममता तिवारी, रुकसाना खातून,केपी सिंह, विजय कुमार, प्रहलाद कुमार तथा काफी संख्या में ग्रामीण व् विद्यालय की छात्राएं मौजूद रही।
