सत्ता का नशा सिर चढ़कर बोलता है !


अकरम खान
CM योगी के गोरखपुर में युवा महिला IPS अधिकारी चारु निगम के आँसुओं को एक महिला की कमज़ोरी न समझा जाए....गोरखपुर में CM योगी के विधायक की लेडी IPS को लगाई सरेआम फटकार, छलक पड़े एक महिला मन के आंसू......विधायक थे राधा मोहन दास अग्रवाल...
पिछली दो सरकारों में जो माहौल था उसका असर धीरे-२ जाएगा ... वैसे जनप्रतिनिधि व अधिकारियों के बीच नौक-झौंक सामान्य चीज़ है परंतु कल जो गोरखपुर में जो हुआ वह थोड़ा अलग था ...party with a difference के विधायक अग्रवाल के तेवर अति गरम और महिला अधिकारी की आँख में आँसू थे ....विधायक अग्रवाल के प्रश्नों का उत्तर जब महिला अधिकारी देने की कोशिश कर रही थी तो विधायक ने सत्ता के नशे में उन्हें तर्जनी ऊँगली देखते हुए तुनक़-मिज़ाजी से झिड़क कर यह कहा ..'मैं आपसे बात नहीं कर रहा, SDM(पुरुष) से बात कर रहा हूँ, आप चुप रहें'.....
मानो कि कह रहे हों कि 'आप महिला है और स्थिति को नियंत्रित नहीं कर सकती, इसीलिए मैं आपसे बात नहीं कर रहा हूँ ...आप कमज़ोर है अतः चुप रहें'...
वैसे अधिकारी व जनप्रतिनिधि ही क्यों ....सभी की पारस्परिक सम्मान से बात करनी चाहिए....'सम्मान करोगे तो सम्मान पाओगे' का सिद्धांत सर्वविदित है..
विदित हो कि गोरखपुर में शराबबंदी को लेकर हो रहे महिला आन्दोलन के दौरान पथराव से उक्त महिला अधिकारी घायल भी हो गयी है .... विधायक द्वारा पथराव के लिए भीड़ को उकसाने व महिला IPS अधिकारी के साथ अभद्रता के लिए FIR दर्ज होने जा रही थी, तभी लखनऊ से फ़ोन आया और सब कुछ रफ़ा दफ़ा हो गया.....
यही सहारनपुर में हुआ था जब एक भाजपा सांसद ने SSP के बंगले पर भीड़ के साथ तोड़ फोड़ की थी....और लखनऊ के एक फ़ोन आया और सब कुछ रफ़ा दफ़ा.... यही सब तो पूर्व दो सरकारों में होता रहा था तो इस सरकार में अलग क्या....'क़ानून का राज .....सबके लिए समान क़ानून की बात क्या बेमानी है.....CM योगी के इतने परिश्रम को कहीं उन्ही के जनप्रतिनिधि पलिता तो नहीं लगा रहे....देखना होगा.....
मैं विधायक अग्रवाल के उक्त व्यवहार को Sexist व gender bias युक्त मानता हूँ....चारु निगम तो क़ानूनी तौर से सबल महिला अधिकारी है जो अपनी प्रथम पोस्टिंग पर CM योगी के गोरखपुर में तैनात है .... पुरुष विधायक अग्रवाल का नारी को look down upon करना व महिला अधिकारी है इसलिए उनकी क्षमता को कमतर आँकना एक निंदा का विषय है .....इनके विरुद्ध सरकारी कार्य में हस्तक्षेप करना  व महिला अधिकारी के साथ बदतमीज़ी करने के लिए FIR दर्ज होनी चाहिए.... तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए.... ताकि किसी महिला के आँसूओँ को कोई उसकी कमज़ोरी न समझे.....

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने विधायकों को सही आचरण का पाठ पढ़ाते हैं लेकिन ऐसा लगता है विधायकों को इसकी कोई परवाह नहीं ....विधायक अग्रवाल सत्ता के अहंकार में यह भूल गए थे कि वे एक महिला अधिकारी से बात कर रहे हैं.....वैसे चारु निगम IPS, CM योगी के flagship प्रोग्राम 'एंटी-रोमीओ स्क्वॉड' की ज़िला प्रभारी भी है.....नारी शक्ति ज़िंदाबाद.....
आओ 'नारी-शक्ति' के अपमान करने वालों की निंदा/भर्त्सना करें !!
जय हिंद-जय भारत !!!!
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