- फुटपाथ पर अनाधिकृत निर्माण हटाने को वरीयता दी जाएगीः निशा गोयल
- पांच जोन में बांटा शहर एई को मिली जिम्मेदारी
अलीगढ़। सूबे में योगीराज सरकार अवैध निर्माण, कब्जे और अतिक्रमण को लेकर अधिकारी काफी गंभीर हैं। वहीं कार्यवाही होने के बाद अगर अवैध निर्माण, अतिक्रमण होता हो अफसरों पर गाज गिरेगी। मुख्य सचिव ने इस संबंध में नई नियमावली जारी की है। वहीं अफसरों को प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा अब शहर को जोन में बांटकर कार्यवाही की जाएगी।
मुख्य सचिव राहुल भटनागर द्वारा जारी की गई नियमावली का फैक्स मिलते ही एडीए अफसर हरकत में आ गए। एडीए वीसी निशा गोयल ने शहर को पांच जोन में बांटने के निर्देश दिए। इन जोन की जिम्मेदारी पांच एई को दी गई है। वहीं इसमें जेई भी शामिल रहेंगे। मुख्य सचिव की ओर से जारी की गई नियमावली में कहा गया है कि अवैध निर्माण, अतिक्रमण की वजह से शहरों का नियोजित विकास प्रभावित हो रहा है।
सड़कों, फुटपाथों व पार्किंग क्षेत्रों के दुरुपयोग से यातायात और सामान्य जनजीवन में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। इसे समाप्त करने के लिए अधिकतम मूल्य की जमीन, महत्वपूर्ण मार्गों, चैराहों पर सार्वजनिक भूमि पर किए गए अतिक्रमण, अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और नगरीय क्षेत्रों के अन्य मुख्य मार्गों व उनके किनारे व फुटपाथ पर हुए अनाधिकृत निर्माण हटाने को वरीयता दी जाए।
अतिक्रमण, अवैध निर्माण चिन्हित कर नगर को जोन में बांटकर विभागीय अधिकारियों को उसका उत्तरदायी बनाया जाएगा। यह लिखित रूप से कर दिया जाए कि अनाधिकृत, अवैध निर्माण होने पर जोन के अधिकारियों को दंडित किया जाएगा।
कार्ययोजना बनाकर 15 दिनों में पूरी करें कार्यवाही
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण, अवैध निर्माणों को हटाने के लिए कार्ययोजना बनाकर युद्धस्तर पर कार्यवाही शुरू की जाए। प्रत्येक दशा में 15 दिन में कार्यवाही पूरी कर शासन स्तर पर सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इनका कहना है.....इस संबंध में एडीए वीसी निशा गोयल का कहना है कि मुख्य सचिव द्वारा दिए गए आदेश के क्रम में एडीए के आधीन आने वाले क्षेत्र को पांच जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन का चार्ज एक एई को दिया गया है। जल्द ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
