भीषण गर्मी से फैले संक्रामक रोग, अस्पतालों में मरीजों की भरमार, मरीजों नसीब नही हो रहे बैड



अलीगढ़। चिलचिलाती धूप एवं भीषण गर्मी के मौसम में बीमारियों ने लोगों को चारों ओर से घेर लिया है। डायरिया, आंखों में संक्रमण, बच्चों को निमोनिया और त्वचा रोग हो रहे हैं। जिला अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी डॉक्टरों के पास इनके पीड़ित मरीजों की भरमार है। सरकारी अस्पताल ही नहीं प्राइवेट नर्सिगं होमों में मरीजों को भर्ती करने के लिये बैड भी खाली नहीं है और मरीजों के तीमारदारों को अस्पतालों में बैड खाली ढ़ूढ़ने पड़ रहे हैं तब जाकर मरीजों को उपचार मिल रहा है।
जिला अस्पताल में 45 मरीज भर्ती उल्टी-दस्त के भर्ती हुए। जिसमें से बच्चा वार्ड में 22 मरीज आए। इस वार्ड में एक बेड खाली नहीं बचा। सामान्य वार्डों में उल्टी दस्त के 23 मरीज भर्ती हुए।
दीनदयाल अस्पताल में 32 मरीज उल्टी, दस्त और बेहोश होने के कारण भर्ती हुए। डायरिया के कारण लोगों को ये परेशानी हो रही है। सीएमओ दफ्तर में निजी अस्पतालों की रिपोर्ट से भी साफ है डायरिया तेजी से पैर पसार रहा है। एक अस्पताल में एक सप्ताह में 60 से 70 मरीज आ रहे हैं।

आंखों में जलन
गर्मी के साथ उमस होने से आंखों के रोग बढ़ रहे हैं। संक्रमण की वजह से खुजली और जलन हो रही है। बच्चों और बड़ों दोनों को ये परेशानी इन दिनों हो रही है।

खुजली और दाद
पसीना ठहरने से खुजली और दाद की समस्या भी हो रही है। खासतौर पर उन लोगों को जो चुस्त कपड़े पहनते हैं। पसीना उनकी त्वचा का साथ नहीं छोड़ता और संक्रमण से खुजली होने लगती है।

उखड़ रही सांसें
दमा की समस्या से परशान बच्चों और बड़ों के लिए यह मौसम ठीक नहीं। उनकी सांसें इस मौसम में उखड़ने लगी है। उमस के कारण उन्हें सांस लेने में जोर लगाना पड़ रहा है, जिससे दिक्कत होती है।

ये हैं बचाव
-धूप में निकलने से बचें
-धूप में जाना पड़े तो सिर कपड़े से ढक लें
-पानी खूब पिएं, जिससे उसकी कमी न हो
-नमक-पानी का घोल पीने से बनी रहेगी शक्ति
-बाहर से लौटने के बाद आंखों को ठंडे पानी से धोएं
-दमा के मरीज मुंह पर मास्क लगा कर या कपड़ा रख कर निकलें
सुप्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रदीप बंसल का कहना है कि इस मौसम में बच्चों और बड़ों को डायरिया, आंखों में संक्रमण, बच्चों को निमोनिया, दमा के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ बढ़ गई है। उमस जैसे-जैसे बढ़ेगी, इन बीमारियों का दायरा बढ़ेगा। इससे बचने के लिए उपाय अपनाना बेहतर है।
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