इसरार अहमद
बाराबंकी।उत्तर-प्रदेश में एक बार फिर मिली लोकतन्त्र के चौथे स्तम्भ के सिपाही को धमकी। एक तरफ जहाँ राज्य व केंद्र की सरकार पत्रकार की सुरक्षा को लेकर तरह-तरह के वादे कर रही है।वही भरष्टाचार मे लिप्त अधिकारी शासन के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए पत्रकारो पर धौंस जमाते है।ऐसे मे निस्पक्ष पत्रकारिता करना मुस्किल नजर आ रहा है।
बाराबंकी जनपद के महादेवा के सत्तिन पुरवा के ग्रामीणो ने रोज़नामा उर्दू कौमी तंजीम व SKK न्यूज़ के ब्यूरो चीफ शमीम अंसारी से एन.एम बीना पर तीन महीनो से टीका करण न करने एवं गांव मं न आने का आरोप लगाया।
यह बात जब एन.एम बीना को पता चली तो उसने सुबह फोन कर के खबर न छापने की बात कही और काई लोगो से फोन करा कर खबर न लगाने की सिफारिश भी कराई।
लेकिन हद तो तब हो गयी जब 1:47 मिनट पर पत्रकार के मोबाईल नं. 8299032850 पर 7800754781 से फोन आया।फोन करने वाले ने कहा कौन बोल रहे हो ?
कितने बड़े पत्रकार हो ?
जब पत्रकार ने उससे उसका परिचय पूछा तो उसने अपने आप को CHC सूरत गंज का सुपर वाईजर बताया और कहा कि मिल कर चलोगे तो फायदे मे रहोगे नही तो अंजाम बुरा होगा।रास्ता निकलते वक्त कुछ भी हो सकता है।
बताते चले कि पत्रकार शमीम अंसारी लखनऊ से प्रकाशित उर्दू रोज़नामा अख़बार कौमी तंजीम व मेरठ से प्रकाशित साप्ताहिक अख़बार सेहत का खज़ाना व SKK न्यूज़ पोर्टल के जिला ब्यूरो चीफ है।पत्रकार शमीम अंसारी को मिली धमकी के बाद पत्रकारो मे काफी आक्रोष है.
