जौनपुर जिले के मड़ियाहूं तहसील के रामपुर थाना क्षेत्र के कोरापटट्ी गांव में शुक्रवार को सुबह बिजली के तार के रगड़ से निकली चिन्गारी ने चार वनवासियों के छप्पर राख कर दिये और उसमें घर गृहस्थी का सभी सामान राख हो गया।
उनके परिजनों के शरीर पर सिर्फ कपड़े शेष रह गये है वे खुले आसमान के नीचे रहने का विवश हो गये हैं। भोजन और रहने की समस्या से व्यथित वनवासियों ने भूखे पेट शनिवार को जिला मुख्यालय पर गुहार लगाने के लिए डेरा डाल दिया लेकिन उन्हे मदद तो नहीं मिली लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट की नसीहत और झिड़की जरूर मिली। सिटी मजिस्ट्रेन ने वनवासियों से कहा कि कि यहां से कुछ नहीं मिलेगा।
उपजिलाधिकारी मड़ियाहूं ही सहायता दिला सकते हैं यहां आने से कोई फायदा नहीं होगा। जाओ मड़ियाहूं तहसील में बैठो। इस तरह की बेरूखी बातों को सुनकर वनवासियों के आंख मे आंसू आ गये और वे मायूस हो गये। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कहा कि अधिकारी संवेदनशील होकर बजाय आस्वासन के उन्हे नसीहत दे रहे है। सान्त्चना के दो शब्द भी नहीं बोल सकते।
मदद प्रशासन करे या न करे लेकिन गरीब और अशिक्षितों के साथ मानवता का व्यवहार तो कर ही सकता है। वनवासियों ने बताया कि राजकुमार, रामकुमार, चैथीराम प्रकाश वनवासी के मड़हे जले हैं। बच्चे और महिलायें भूखे है। उनकी समस्या और दुःखभरी बातों को कागज पर लिखाने के लिए और गुहार लगाने के लिए भी रूपये नहीं है।
रियाजुल हक
जिला संवादाता जौनपुर
