बलरामपुर : राष्ट्रीय विधि आयोग के बिल प्रस्ताव के विरोध में वकीलों ने अखिल भारतीय बार संघ के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन कर न्यायिक कार्य ठप रखा।
गुरुवार को संयुक्त बार संघ के तत्वावधान में सिविल बार संघ महामंत्री कमलेश्वर सिंह, जिला युवा बार संघ महामंत्री अभय सिंह गुंजन के अगुआई में सैकड़ों वकीलों ने लगभग 45 मिनट सदर तहसील के सामने बौद्ध परिपथ पर जमकर प्रदर्शन किया।
संघ अध्यक्ष सत्यदेव तिवारी , श्रवण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय विधि आयोग ने एडवोकेट्स अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव दिया है कि वकीलों के हड़ताल के कारण वादकारी उनसे मुआवजे का मांग कर सकता है। वकीलों के पेशगत कदाचार में जांच के तौर तरीके तय करने के अलावा आयोग ने कहा कि जांचकर रही समिति वकील को दोषी पाने पर तीन लाख तक का जुर्माना लगा सकती है और पीड़ित व्यक्ति को पांच लाख रुपये तक का मुआवजा दिला सकती है।
प्रदर्शनकारी अधिवक्ता अनिल सिंह मामा, मोहित श्रीवास्तव, हरिकांत यादव, मुर्तजा हुसैन खां, प्रशांत ओझा, कुलदीप सिंह, धर्मदेव मिश्र, वर्षकार सिंह कलहंस, रुपेश मिश्र,देवेंद्र मणि पांडेय, अंशु श्रीवास्तव, डॉ. पारितोष सिन्हा, आशुतोष तिवारी, रूपेश श्रीवास्तव सहित सैकड़ों वकीलों ने प्रस्तावित बिल को वापस लेने की मांग की।
सिविल बार संघ के महामंत्री ने बताया कि आठ अप्रैल को वकीलों की देश व्यापी बैठक है। जिसमें फैसला लिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो वकील आमरण अनशन सहित अन्य प्रदर्शन में शामिल होंगे। प्रदर्शन को देखते हुए सीओ नगर नीतेश सिंह, नगर कोतवाल एसके त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
रिपोर्ट: इकबाल खान
