यूपी पुलिस के 'दिल' में 'धड़की' मानवता, बुजुर्ग की मदद को उठे हाथ


सुनील कुमार (केयर ऑफ़ मीडिया ब्यूरो )

मुरादाबाद : आमजन की जुबां से अक्सर यूपी पुलिस की बुराइयां ही सुनने को मिलती हैं, परन्तु इस बार पुलिस ने एक बुजुर्ग की मदद कर मानवता की मिशाल पेश है । पुलिसकर्मियों की मदद से बुजुर्ग को दर-दर अखबार बांटने से छुटकारा दिलाया है । यूपी पुलिस के इस चहरे की हर कोई तारीफ करता नजर आ रहा है ।
     यह बात हैमुरादाबाद पुलिस लाइन की , यहाँ पर ट्रेनिंग कर रहे रिक्रूट आरक्षी ने मानवता की एक मिसाल पेश की है। दरअसल,ओमप्रकाश नामक एक वृद्ध व्यक्ति पुलिस लाइन में अख़बार बेचने आते थे । अक्सर वो रिक्शा या पैदल आते थे तथा बैरकों में घूम घूम कर रोज़ी रोटी की दुहाई देकर अख़बार बेचते थे । रिक्रूट आरक्षियों के मन में कुछ बात आई और उन्होंने ओमप्रकाश से उनके परिवार की स्थिति जानी और पूछा कि आप क्या कमा पाते होंगे सारी बचत तो आपकी रिक्शा वाला ले लेता होगा।
ओमप्रकाश ने बताया कि उसकी साइकिल कुछ दिन पहले चोरी हो गयी है और अब उसकी इतनी सामर्थ्य नही कि वो सायकिल खरीद सके , ओमप्रकाश की दयनीय हालत सुनकर रिक्रूट आरक्षियों का दिल पसीज गया । पुलिस के 'दिल' में  मानवता 'धड़क' उठी और उन्होंने ओमप्रकाश की मदद करने की ठान ली । रात में ही कुछ रिक्रूट आरक्षियों ने आपस में पैसे इकट्ठे किये और ओमप्रकाश को देने के लिए एक नई साईकिल ले आये ।
  31 मार्च 2017 की सुबह ओमप्रकाश के लिए ऐसी खुश खबरी लेकर आएगी, उसे पता नही था ।
जैसे ही ओमप्रकाश बैरिक में घुसे रिक्रूट आरक्षियों ने उनके हाथ से अख़बार ले लिए और बोले ताऊ जी आज के बाद आप बैरिक में घूम घूम कर अख़बार नही बेचेंगे ,ये सुनकर ओमप्रकाश डर गए और सोचने लगे कहीं उनसे कोई गलती तो नही हो गयी । आरक्षियों के सामने उन्होंने रोनी सी सूरत बना ली,
लेकिन जल्दी ही आरक्षियों ने कहा कि ताऊजी आज के बाद आप जितने भी अख़बार लाओ सिर्फ एक जगह रख देना । हर किसी के पास घूमने की जरूरत नही, हम सब वही से ले लेंगे । हम आपको 3 रूपये प्रति अख़बार की जगह 10 rs प्रति अख़बार देंगे ।
इतना कहकर रिक्रूट आरक्षी ने उनके अख़बार को खुद बेचना शुरू कर दिया । किसी ने अख़बार 500 में लिया तो किसी ने 100, 50, 20 और 10 में । ये सब देखकर ओमप्रकाश की आँखे ख़ुशी से छलक आयी और ये नम आँखे अश्रुधारा में तब बह चली जब आरक्षियों ने उन्हें उपहार स्वरूप साईकिल भेट की । आरक्षियों ने बुजुर्ग से कहा कि ताऊजी आज से आप पैदल या रिक्शा से नही अपनी सायकिल से आओगे , और भविष्य में भी हर संभव मदद करने को बोलकर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेकर विदा किया । इस पल को रिक्रूट आरक्षियों ने सेल्फी के साथ कैमरे में कैद किया , और ओमप्रकाश पुलिस का ये मानवीय चेहरा देखकर मन में अपार ख़ुशी लेकर दुआएं देते हुए चले गए ।
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