सुनील कुमार
एटा। डीएम विजय किरन आनन्द ने भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही का एक और चाबुक चल दिया है । जिले की 55 ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों की स्थलीय जांच के आदेश दिए हैं । डीएम की कार्यवाही से प्रधान व सम्बन्धित अधिकारियों में हड़कंप मच गया है ।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि जनपद की पंचवर्षीय योजना में राज्य वित्त आयोग एवं 14 वें वित्त आयोग की संस्तुतियो के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2016-17 में अब तक समस्त ग्राम पंचायतों को 103.58 करोड धनराशि निर्गत की गयी है, साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में भी व्यक्त्गित् शौचालय निर्माण की धनराशि निर्गत की गयी है। सबसे ज्यादा व्यय करने वाली 55 ग्राम पंचायतों में कराये जाने वाले कार्यो का सत्यापन डीएम, मुख्य विकास अधिकारी एवं जनपद स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा ग्राम पंचायतों में व्यय धनराशि से सृजित की गयी परिसम्पत्तियो की मौके पर भौतिक जाॅच कर धनराशि के सदुपयोग, कार्यो की गुणवत्ता व अभिलेखो की उपलब्धता के सम्बन्ध में अपनी रिपोर्ट 15 अप्रैल तक जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध करायेगे।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अवागढ़ विकासखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रोहिना मिर्जापुर, मजराजात अवागढ़, जरानी खुर्दकलां, टिकाथर, नूहखास, धौलेश्वर एवं निधौलीकलां ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाबसा, गहेतू, बरई, पिलुआ एवं सकीट क्षेत्र की मलवान, चिलासनी, निगोह हसनपुर, महुआखेड़ा, भगवंतपुर एवं शीतलपुर विकासखण्ड क्षेत्र की जिरसमी, भगीपुर, बारथर, रारपट्टी, शीतलपुर, बागवाला एवं मारहरा विकासखण्ड क्षेत्र की जिन्हैरा, मिरहची, अहमदनगर बमनोई, महमूदपुर नगरिया, चाठी रफीपुर एवं जलेसर क्षेत्रकी शकरौली, शाहनगर टिमरूआ, विचपुरी, चिरगवां, महानमई एवं अलीगंज क्षेत्र की खरसुलिया, अगरैया जमुनाई, अलीपुर, उभई असदनगर, सराय अगहत एवं जैथरा ब्लाक की धुमरी, मजराजात जैथरा, परौली सुहागपुर, तरगवा, सिहोरी ग्राम पंचायतों में कराये गये कार्याें की जांच नामित अधिकारियों द्वारा कराई जा रही है।
डीएम विजय किरन आनन्द ने निर्देश दिये कि यदि कहीं वित्तीय अनियमितता एवं कार्यो की गुणवत्ता में अनियमितता पाई जाती है तो सम्बन्धित का उत्तरदायित्व निर्धारित कर एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति के साथ जाॅच नियमावली 1997 के अन्तर्गत कार्यवाही जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा की जायेगी, जिसका सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया द्वारा नियमित अनुश्रवण करते हुये अवगत कराया जायेगा। डीएम ने यह भी निर्देश दिये कि सचिव ग्राम पंचायत सत्यापन अधिकारी को ग्राम पंचायत के अभिलेख व वर्ष 2015-16, 2016-17 में कराये गये कार्यो का विवरण भी प्रस्तुत करेगें।
