20 नवम्बर की सुबह भारतवासियों के लिये इस दशक की सबसे तकलीफ़ दह सुबह साबित हुई, सबसे पहली खबर, कानपूर के पोखरियावां के पास इंदौर पटना एक्सप्रेस का दर्दनाक हादसा, दूसरी खबर,मरने वालों की संख्या में लगातार इज़ाफा, 40,50,65,90,125,और आखिर में 153 लोगो को निगल गया ये हादसा?
तीसरी खबर,रेल मंत्रालय ने मुर्तकों व घायलों के लिये किया मुवाअज़े का एलान, चौथी खबर,रेल राज्यमंत्री पहुंचे घटना स्थल पर, बूरी तरह ज़ख्मी महिलाओं, बूढ़ों और किशोरियों को दिया मुवाअज़ा, वो भी काग़ज़ के टुकड़े यानी पुराने बंद नोट,ताकि वो ज़ख्मी हालत में एक दो दिन बैंक के लाईन में लगें और ये काग़ज़ के टुकड़े बदलवायें, या शायद ये काला धन खपाने की कोशिश है, पांचवी खबर, अखिलेश व नीतिश ने किये अपने सारे प्रोग्राम कैंसिल, छठी खबर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगरा में चुनावी जनसभा को किया संबोधित भारत के राजनैतिक इतिहास की शायद यह पहली घटना है। जब इतनी बड़ी रेल दुर्घटना के बाद उसी दिन किसी प्रधानमंत्री ने चुनावी रैली की।
रेल दुर्घटना से दुखी बिहार और UP के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं अखिलेश यादव ने सारे कार्यक्रम रद्द किए, लेकिन बिहार व यू.पी ने मोदी जी को 108 सांसद दिया,लेकिन एक भी सांसद घटनास्थल पर नहीं आया उल्टा वहां से 200 किलोमीटर दूर आगरा में मोदी जी संवेदनहीन भाषण देते रहे।
शायद ये घटना भारत के माथे पर हमेशा के लिये एक बदनुमा दाग़ बन कर बाक़ी रहे, सातवीं खबर,बी.जे.पी मार्गदर्शक मुरली मनोहर जोशी ने इस हादसे के पीछे आतंकी साज़िश होने की आशंका जताई, अब इन बड़े मियां को कोई बता दे कि नाकामी छिपाने के लिये आतंकियों का सहारा लेना, लोगों को भावनात्मक बना देना वर्षों पुराना खेल है।
खैर 20 नवम्बर का दिन भारत के लिये बहूत ही तकलीफ़दह,और काला साबित हुआ, इस हादसे में अपने प्राण गंवाने वालों के लिये हमारी पूरी सहानाभूति है,उनको शहीद क़रार देना चाहिये, उनके घरवालों को 20 लाख मुवाअज़ा देना चाहिये और घायलों को अच्छा से अच्छा ईलाज मिलना चाहिये और इस घटना की बड़े स्तर पर जांच करके दोषियों को सख्त से सख्त सज़ा देनी चाहिये, साथ ही प्रधानमंत्री में अगर थोड़ी सी भी शर्म, लज्जा, इंसानियत और अपनी कुर्सी की गरिमा का ख्याल बाक़ी हो तो पूरे देश से मुआफी मांगनी चाहिये,
वरना इतिहास में ये लिखा जायेगा कि जिस वक्त देश में सैंकड़ों लोगों की जान निकल रही थी ठीक उसी वक्त देश का प्रधानमंत्री चुनावी रैली में गप्पे लड़ा रहा था।
मेहदी हसन एैनी क़ासमी के क़लम से
