सरकारी अनाज बना जानवरों का चारा


धीरज तिवारी
पलिया कलाँ/लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु निगम के पलिया गोदाम पर लगाये गये साकारी राशन को जानवर खुलेआम अपना चारा समझकर सफाचट करने में लगे हैं। लोगों ने बताया कि गोदाम पर व्यवस्था बनाये रखने हेतु गोदाम प्रभारी बी बी सिंह द्वारा स्वयं के खर्च पर लगभग आधा दर्जन प्राइवेट कर्मचारियों को रसोइयाँ, चौकीदार, मुंशी व अन्य सहायक स्टाफ के रुप में रखा गया है लेकिन रविवार पूर्वाह्न उनकी गैर मौजूदगी में गोदाम के आस पास कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था और कई स्थानों पर जानवर अनाज की बोरियों से अनाज खा रहे थे जब वहीं नजदीक ही कार्यालय व आवास के रुप में प्रयोग होने वाली मण्डी समिति की एक दुकान में मौजूद कर्मचारियों को सूचना देने के बाद सरकारी अनाज चर रहे जानवरों को हटाया जा सका। उल्लेखनीय है कि यह वही गोदाम प्रभारी बी बी सिंह हैं जो कोटेदारों को निर्धारित से कम वजन में खाद्धान्न देने के आरोपी बने रहते हैं, जो कि कुछ वर्षों पूर्व चूहों द्वारा अनाज खाये जाने के बाद बोरियों के बजन कम होने की दुहाईयाँ दे रहे थे। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गोदाम प्रभारी की गैर मौजूदगी में उनके द्वारा रखा गया प्राइवेट स्टाफ आर्थिक कारणों से चीनी, चावल, गेंहूँ की बोरियों में परखी लगाकर माल निकाल लेता है और उस खाद्धान्न को पूर्वनियोजित ढंग से खरीददारों को दे दिया जाता है वहीं आवंटन उठान के समय अन्य खर्चों की प्रतिपूर्ति के साथ कोटेदारों को मिलने वाले खाद्धान्न में कम वजन को लेकर शिकायतों में बढोत्तरी देखी जाती है। उक्त मामले के सम्बंध में जब गोदाम प्रभारी से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल पहुँच से बाहर बताता रहा।

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