मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से बढ रही हैं बीमारियाँ, प्रशासन मौन


अमर जीत यादव
कुदरहा/बस्ती। शादी ब्याह के मौके पर भी मिलावटी खाद्य पदार्थों के धन्धेबाजों पर जिला प्रशासन का कोई नियन्त्रण नहीं है। जिसके सेवन से मानव समाज गम्भीर बीमारियों का शिकार हो रहा है।
वि.स.चुनावों के बाद हुये सत्ता परिवर्तन से लोगों के मन में यह धारणा पैदा हो गयी थी कि अब मिलावटी खाद्य पदार्थों के धन्धे पर भी रोक लगना तय है। इसी इन्तजार में अब तक डेढ माह गुजर गये लेकिन जिम्मेदारों ने बहादुरपुर,बनकटी और कुदरहा ब्लाक में अब तक कोई जाँच करना उचित नहीं समझा।

जब कि इनके द्वारा क्षेत्र का भ्रमण करने का क्रम जारी है।जिसका मकसद कुछ और ही है। जिसके चलते गावों से लेकर बाजारों में शादी ब्याह के सही मौके पर मिलावटी खाद्य पदार्थों के धन्धेबाजों द्वारा बेलगाम होकर अधिक मुनाफा कमाने की होड में निरन्तर अपनी मनमानियों को अन्जाम दिया जा रहा है।
   इन खाद्य पदार्थों में सरसों का तेल,बेसन, मैदा,पिसे मसाले,दाल,सूजी,खोवा,पनीर,क्रीम बिभिन्न प्रकार की मिठाइयों के अलावा दूध कोल्ड ड्रिंक और फलों के जूस तक में मिलावट आम बात है। जिसके सेवन से मनुष्य नाना प्रकार के गम्भीर बीमारियों की चपेट में होता जा रहा है।

डा.जयन्त कुमार कहते हैं कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से जहाँ मनुष्य के शरीर में बीमारियां बढ रही हैं वहीं मानव की उम्र भी दिन प्रति दिन घटती जा रही है।जो चिन्ता का विषय है। भा.कि.यू. के मंडल महा सचिव शोभाराम ठाकुर ने कहा कि सरकारी तन्त्र मिलावटी खाद्य पदार्थों का धन्धा रोकने में  ईमानदार नहीं है।कुछ लोगों ने बताया की खाद्य सुरक्षा से जुडे अधिकारियों और निरीक्षकों से अनेक बार क्षेत्र की जाँच कराने का आग्रह किया गया।लेकिन जिम्मेदारों ने मामले पर ध्यान देने की बजाय अपने स्वार्थ को ही तबज्जो अब तक दिया है।जिला मुख्यालय पर स्थिति खोवा मन्डी इसका एक जीता जागता उदाहरण है। जो कानपुर का नकली खोवा व नकली खोवे से वनी मिठाईयों आदि से पटा हुआ है।
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