नई दिल्ली। विश्वव्यापी अहमदिया मुस्लिम जमाअत द्वारा गत वर्षो की तरह इस वर्ष भी दिल्ली का सफल आयोजन किया गया । इसमें विश्व शांति , सद्भाव के विचारों को बढ़ावा देने हेतू समस्त सयुंक्त वर्ग विद्वानो ने भाग लिया। इसी प्रकार अनेक राजनीतिक ,सामाजिक ,धार्मिक एवं सरकारी पदाधिकारी भी इसमें एकत्रित हुए।
हमारा देश भारत अनेक धर्मों एवं सभ्यताओं का देश है अनेक धर्मिक , सामाजिक एवं सभ्यताओं में असमानता होने के बावजूद यहां का प्रत्येक नागरिक आपस में प्रेम , सद्भाव एवं शांति के साथ यहां पर जीवन व्यतित करता है । इन प्रिय विचारों को पूरे विश्व में पहुंचाने हेतु विश्वव्यापी अहमदिया मुस्लिम जमाअत प्रत्येक वर्ष में विश्व भर का आयोजन करती है जिसमें प्रत्येक धर्म के अनुयायी मतभेदों से दूर रहकर शांति प्रेम सहानुभूति सद्भाव का उच्च उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए एकत्रित होते है ।
इसके आयोजन से हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि हमारे देश का प्रत्येक नागरिक हर प्रकार के धार्मिक ,सामाजिक ,राजनीतिक मतभेदों से दूर होकर केवल मानवता की तरक्की ,सहानुभूति , सद्भाव एवं कल्याण की ओर अपना ध्यान केंद्रित करें ।ताकि इसके द्वारा हमारा देश संसार का सबसे शांति प्रिय एवं शांति पूर्ण देश बन जाए ।
आज विश्व तेज़ी से एक भयानक युद्ध की ओर जा रहे है जिसे तृतीय विश्व युद्ध कहना भी गलत न होगा । एक विश्वव्यापी शांति का संदेश देने वाली इस्लामी जमाअत होने के कारण अहमदिया मुस्लिम जमाअत अपना यह परम धर्म कर्तव्य समझती है कि विश्व का ध्यान शांति की ओर केंद्रित करें क्योंकि इस्लाम एक शांति पूर्ण, शांति प्रिय एवं शांति स्थापित करने वाला धर्म है । इस्लाम के अर्थ ही अमन एवं शांति के हैं । यद्दपि विश्व में तथाकथित कुछ मुसलमान संगठन अपनी अज्ञानता के कारण नफ़रत फैलाने वाले संदेश एवं आतंकवादी कार्य कर रहे है तो इसका यह परिणाम नहीं निकालना चाहिए कि इस्लाम धर्म अशांति की शिक्षा देते हुए इसको करने की अनुमति देती है ।
इस्लाम धर्म के संस्थापक हज़रत मोहम्मद सल्लाहो अलैहिवसल्लम ने सदैव शांति ,प्रेम ,सहानुभूति सद्भाव को फैलाने की शिक्षा दी है । इस्लाम की इंही शांतिपूर्ण एवं शांति स्थापित करने वाली शिक्षाओं से संसार को अवगत कराने हेतु हज़रत मिर्जा गुलाम अहमद साहिब क़ादियानी मसीह मौऊद व महदी मौहूद अलैहिस्सलाम ने सन 1889 ई में हमारे प्रिय देश हिंदुस्तान में अहमदिया मुस्लिम जमाअत की नींव रखी । संस्थापक जमाअत अहमदिया को अल्लाह तआला ने इस युग में संसार के सुधार एवं शांति की स्थापना हेतु भेजा है । आपने
आने का मूल उद्देश्य ही मनुष्य को अपने वास्तविक ईश्वर को पहचानते हुए उसके साथ सच्चा संबध स्थापित करना और मनुष्यों के मध्य प्रेम , सहानुभूति सद्भाव स्थापित करना है और गत 128 वर्षों से विश्वव्यापी अहमदिया मुस्लिम जमाअत खिलाफत ए अहमदिया के आध्यात्मिक नेतृत्व में संस्थापक जमाअत अहमदिया द्वारा वर्णित शिक्षाओं के अनुसार शांति के संदेशों को विश्व के किनारों तक पहुंचा रही है ।
विश्वव्यापी जमाअत अहमदिया का मुख्य सिद्धांत “ प्रेम सब के लिए घृणा किसी से नहीं “है अपने इंही प्रिय एवं शांति संदेशों के कारण विश्वव्यापी जमाअत अहमदिया विश्व के 209 देशों में स्थापित है और शांति का संदेश दे रहे है । आज जबकि घटनाएं एवं हालात विश्व को एक भीषण तबाही की ओर धकेल रहे है ऐसे समय में विश्वव्यापी जमाअत अहमदिया के पांचवे खलीफा हजरत मिर्ज़ा मसरुर अहमद विश्व में शांति स्थापित करने हेतु अल्लाह तआला के अधिकार एवं मानव जाति के अधिकार उनकी आवश्यकता ,महत्वता तथा प्रत्येक स्तर पर उनको पूर्ण करते हुए इंसाफ के उच्च स्तर स्थापित करने हेतु ज़ोर दे रहे हैं । तथा विश्व भर में बसने वाले समस्त अहमदी मुसलमानों को देश के साथ वफ़ादारी करने और देश की तरक्की एवं कल्याण के कार्यों में भाग लेने के साथ साथ हर प्रकार के प्रलोभन , फ़साद एवं आंतकवाद जैसे गंदे विचारों एवं कार्यों से दूर रहने की नसीहत कर रहे है ।
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