रियाजुल हक़
जौनपुर शहर कोतवाली क्षेत्र के परिधि में अवैध बूचड़खाने को संरक्षण दिया जा रहा है शहर कोतवाली क्षेत्र में के मोहल्ला मीरमस्त में स्थित बूचड़खाना जोकि सिलाखाना के नाम से भी जाना जाता है वहाँ आज भी धड़ल्लें से खुले आम भैस के गोश्त का व्यापार बिना लायसंस के किया जा रहा है और वह भी कोतवाली के संरक्षण में आम लोगों का कहना है कि बड़ी मुश्किल से बूचड़खाने पर सरकारी ताला लगवाकर बन्द करवाया गया था लेकिन फिर से गोश्त के व्यापारी किसी तरह से कोतवाली को मोटी रकम देकर अपना अवैध धंधा चमकाने के फिराक में है। और बिना लायसंस के गोश्त का व्यापार शूरु कर दिया गया है।
अभी कुछ दिनों पहले ही नई सरकार के गठन के बाद से ही सपूर्ण प्रदेश मे अवैध बूचड़चखानों को बन्द कराने का कार्य शूरु हो गया था और लगभग समस्त जिलो में इसका असर भी दिखाई पड़ रहा है लेकिन महज जौनपुर ही एक ऐसा जिला है जिसके शहर कोतवाली पर किसी का जोर नही है और मनमानी की कोई सीमा नही है शहर कोतवाली में निर्दोषों को परेशान किया जाता है।
दोषी खुले में घूमतें नज़र आतें है अगर कोई भुक्तभोगी तहरीर लेकर कोतवाली चला जाय तो उसके साथ भी अपराधियों जैसा सुलूक किया जाता है और बदमाशों को संरक्षण दिया जाता है लेकिन हाँ अगर आप धनपशू है तो खूलेआम बैमानी का धन्धा भी कर सकतें है ऐसा ही कुछ मामला प्रकाश में आया है।
शहर कोतवाली थाना क्षेत्र में मोहल्ला सिलेखाना जहाँ बिना लायसंस के ही जानवरों को काटा व बेचा जा रहा है। लेकिन शहर कोतवाली सब कुछ जानकर भी अनजान बनी हुई है शायद इसका कारण बताने की कोई जरुरत नही है लेकिन फिर भी आपको मालूम होना चाहिये कि शहर कोतवाली में मोटी रकम पहुँचा कर रोजाना सुबह 5 बजें से 10 बजे तक लगभग 20 भैसों को काटा और बेचा जाता है।
शहर कोतवाली तो इस पर सख्त होगी नही लेकिन देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन इस पर कोई ऐक्शन लेती है या शासनादेश के वितरित ही जिले का कानून चलता रहेगा। योगी जी के अनुसार पुलिस को सख्त निर्देश है जनता मित्र बनकर कार्य करें लेकिन यहाँ तो बिलकुल ही उल्टा असर दिखाई पड़ रहा है।
