एसपी मित्तल
अजमेर शहर की भाजपा की कार्य समिति की एक बैठक आदर्श नगर स्थित मुकुंद गार्डन में हुई। इस बैठक में प्रदेश भाजपा द्वारा नियुक्त जिला प्रभारी महेश शर्मा भी उपस्थित थे। इस बैठक का मकसद राज्य और केन्द्र की भाजपा की सरकार के विकास कार्यों पर राजनीतिक प्रस्ताव स्वीकृत करना था। लेकिन इस बैठक का माहौल उस समय गर्म हो गया, जब अजमेर दक्षिण क्षेत्र की विधायक और प्रदेश की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल और शहर जिला अध्यक्ष अरविंद यादव आमने-सामने हो गए।
यादव को शहर के उत्तर क्षेत्र के विधायक और स्कूली शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी का समर्थक माना जाता है। विवाद की शुरुआत उपमहापौर सम्पत सांखला के उस बयान से हुई, जिसमें कहा गया कि उत्तर क्षेत्र में जो सरकारी कार्यक्रम होते हैं,उनमें मुझे और दक्षिण क्षेत्र की विधायक को नहीं बुलाया जाता। इस पर शहर अध्यक्ष यादव का कहना रहा कि संगठन के स्तर पर जो भी कार्यक्रम होते हैं, उसमें सभी पदाधिकारियों को सूचना भिजवाई जाती है।
यादव ने अपने अंदाज में कहा कि मैं एक-एक नेता के बैडरूम में जाकर निमंत्रण पत्र नहीं दे सकता। यादव ने उपमहापौर को चुप बैठने के लिए भी कहा। इस पर मंत्री अनिता भदेल ने माइक वाले से कोडलैस माइक लिया और गुस्से में कहा तो क्या आप (यादव) मेरे बैडरूम में आ जाओगे? भदेल का कहना रहा कि हाल ही में उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के वार्ड में जो क्रिकेट प्रतियोगिता करवाई, उसे फेल करने में यादव ने कोई कसर नहीं छोड़ी। पहले प्रतियोगिता के आयोजन का विरोध किया और अब आखिर में समापन समारोह में केन्द्रीय मंत्री सी.आर.चौधरी को आने से रोका।
यादव ने चौधरी को फोन कर कहा कि वे समारोह में नहीं आए। यह बात अलग है कि जिला अध्यक्ष के विरोध के बाद भी चौधरी ने समारोह में आकर खिलाडिय़ों की हौंसला अफजाई की। भदेल के आरोपो का जवाब यादव देते इससे पहले ही जिला प्रभारी महेश शर्मा, सांसद सांवरलाल जाट, मेयर धर्मेन्द्र गहलोत आदि ने दोनों से माइक लेकर मामले को शांत करवाया। बैठक में जिस तरह से तू-तड़ाक और आरोप प्रत्यारोप लगे उससे भाजपा की फूट चौराहे पर थी।
कृपलानी ने भी करवाया तमाशा:
14 मई को ही जनाना अस्पताल के निकट अजमेर विकास प्राधिकरण की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने भी अजमेर के झगड़ालू नेताओं का तमाशा करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मंच पर जब मंत्री देवनानी और भदेल अलग-अलग बैठे हुए थे, तो कृपलानी ने स्वयं की सीट खाली करते हुए देवनानी को भदेल के पास बैठा दिया। कृपलानी ने कहा भी कि यदि अजमेर के भाजपा नेता आपसी विवाद खत्म कर एकजुट हो जाएं तो अजमेर का नाम पूरे ब्रह्मांड में हो सकता है। कृपलानी ने यह सोचा होगा कि देवनानी को भदेल के पास बैठा देने से दोनों का विवाद समाप्त हो जाएगा। लेकिन कृपलानी को यह पता होना चाहिए कि ऐसा तमाशा पिछले वर्षों में 100 बार हो चुका है। और जब इस समारोह से पहले संगठन की बैठक में इतनी फजीहत हो चुकी हो, तब पास-पास बैठ जाने से क्या फर्क पड़ेगा?
दोनों मंत्रियों के झगड़े की जानकारी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तक को है। जब राजे ही अपने मंत्रियों का झगड़ा खत्म नहीं करवा सकीं तो फिर कृपलानी के तो प्रयास विफल ही होंगे।
भदेल ने अपने समर्थकों को दिखाई बाहूबली फिल्म:
15 मई को भदेल ने अपने कोई 200 समर्थकों को जयपुर रोड स्थित माया मंदिर सिनेमा हॉल में बाहूबली फिल्म दिखाई। भदेल ने हाल ही में जो क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की, उसमें सहयोग करने वाले लोगों को ही फिल्म के लिए आमंत्रित किया गया। फिल्म देखने के बाद भदेल के समर्थक अब स्वयं को बाहूबली समझ रहे हैं। यह बात अलग है कि समर्थकों को यह फिल्म देवनानी के क्षेत्र में आने वाले सिनेमा हॉल में दिखाई है।


