एसपी मित्तल
9 मई को अजमेर नगर निगम में मेयर धर्मेंन्द्र गहलोत ने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा, जो लोगों के नक्शों पर निगम की सील फर्जी तरीके से लगा कर उपायुक्त गजेन्द्र सिंह रलावता के हस्ताक्षर भी कर रहा था।
हुआ यूं कि पहाड़ गंज निवासी भरत सोलंकी जब अपने आवास का निर्माण कर रहा था, तभी पड़ौसी ने शिकायत कर दी। इस पर उपायुक्त रलावता ने सोलंकी को स्वीकृत नक्शा लेकर बुलाया। 9 मई को जब सोलंकी स्वीकृत नक्शा लेकर पहुंचा तो रलावता भौचक्के रह गए। नक्शे पर निगम की हुबहू सील लगी हुई थी, लेकिन रलावता ने अपने हस्ताक्षर होने से इंकार कर दिया।
इस पर सोलंकी ने बताया कि पहाड़ गंज में ही रहने वाले कमल नामक व्यक्ति को नक्शा दिया था। कमल ने ही नक्शा स्वीकृत करा कर दिया है। इस घटना की जानकारी मेयर गहलोत को दी गई तो उन्होंने कमल नामक व्यक्ति को बुलाया।
निगम परिसर में गहलोत के सामने पहुंचते ही कमल घबरा गया और मौके से भाग निकला। रलावता ने माना कि निगम की सील फर्जी तरीके से लगाकर नक्शों को स्वीकृत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब वह हाल ही में स्वीकृत सभी नक्शों की जांच करवाएंगे।
