एक विधानसभा सीट, तीन विधायक, दो जिन्दा और एक मुर्दा


अमन पठान
एटा। आपको ये जानकर बड़ी हैरानी होगी और बड़ा अजीब भी लगेगा कि एक विधानसभा सीट के तीन विधायक कैसे हो सकते हैं। वो भी दो जिन्दा और एक मुर्दा? जी हां ये शत प्रतिशत सत्य है।

मारहरा विधानसभा सीट पर तीन विधायक हैं। एक करीब सात वर्ष पूर्व परलोक सिधार चुके स्वर्गीय अनिल कुमार सिंह यादव, दूसरे उनके पुत्र अमित गौरव यादव जो 2017 के विधानसभा चुनाव में चुनाव हार चुके हैं और तीसरे भाजपा के मौजूदा विधायक हैं वीरेंद्र सिंह लोधी? ऐसा हम नही कह रहे हैं बल्कि एटा के जीटी रोड पर लगे साइन बोर्ड खुद चिल्ला चिल्लाकर कह रहे हैं।

मारहरा विधानसभा सीट से 2012 में विजयी हुए अमित गौरव यादव 2017 के विधानसभा चुनाव में पराजित हो गए, लेकिन वह खुद को आज भी मौजूदा विधायक ही मानते हैं। जिसकी गवाही उनके एटा के अरुणा नगर स्थित आवास के बाहर लगे साइन बोर्ड और उनके आवास पर लगी नेम प्लेट दे रही है।

कुछ समय पहले पूर्व विधायक अमित गौरव यादव ने फेसबुक पर खुद को मारहरा विधायक लिखा था। जिस पर उन्हें लोगों ने पूर्व विधायक लिखने की सलाह दी थी। पूर्व सपा विधायक फेसबुक पर तो खुद को पूर्व विधायक लिखने लगे, लेकिन लोगों को भ्रमित करने वाले साइन बोर्ड और नेम प्लेट पर पूर्व विधायक लिखवाना भूल गए।
पूर्व सपा विधायक अमित गौरव यादव

सबसे हैरानी वाली बात तो ये है कि स्वर्गीय सपा विधायक अनिल कुमार सिंह का देहांत हुए करीब सात वर्ष गुजर चुके हैं, लेकिन उनके साइन बोर्ड पर आज भी विधायक लिखा हुआ है। क्या कोई दिवंगत भी विधायक हो सकता है। आपको बता दें कि मारहरा के मौजूदा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी हैं जो भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते हैं।
मौजूदा भाजपा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी

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