एसपी मित्तल
31 मार्च को बीसलपुर बांध का पानी कोई दो सौ किलोमीटर दूर दौसा जिले तक पहुंच गया। पानी के दौसा पहुंचने के मौके पर आयोजित समारोह में राजस्थान के मंत्री अरुण चतुर्वेदी और सुरेन्द्र गोयल ने श्रेय लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
दोनों मंत्रियों ने कहा कि बीसलपुर बांध में पर्याप्त मात्रा में पानी है और अब जयपुर के बाद दौसा को भी सप्लाई किया जाएगा। उपस्थित लोगों ने भी दोनों मंत्रियों का आभार जताया। अजमेर के नागरिक अच्छी तरह जानते हैं कि टोंक जिले में बनास नदी को रोककर ही बीसलपुर बांध का निर्माण किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य अजमेर जिले की प्यास बुझाना था। लेकिन इसे अफसोसनाक ही कहा जाएगा कि आज अजमेर में दो दिन में मात्र एक घंटे के लिए पेयजल की सप्लाई हो रही है।
जबकि पूरे जिले में बीसलपुर बांध ही एकमात्र पेयजल का स्त्रोत है। अजमेर के लिए बीसलपुर की पाइप लाइन, लाइफ लाइन बनी हुई है। नेता कांग्रेस के हो या भाजपा के हो, दोनों ही अपनी-अपनी सरकारों में दम भरते हैं कि अजमेर को रोजाना पेयजल की सप्लाई होगी। लेकिन आज तक भी यह वायदा पूरा नहीं हुआ है।
कांग्रेस की शासन में भाजपाई और भाजपा के शासन में कांग्रेसी चिल्ल-पों तो करते हैं। सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है कि भीषण गर्मी में अजमेर में दो दिन में एक बार पेयजल की सप्लाई क्यों की जा रही है? यहां यह भी उल्लेखनीय है कि बीसलपुर बांध से ही भीलवाड़ा जिले में भी सप्लाई होने लगी है।
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