यहाँ बिना सुविधा शुल्क के नही होता मरीजों का इलाज


श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा की दशा सुधरने का नाम नही ले रही। सपा सरकार के कार्यकाल से चली आ रही चिकित्सालय की दुर्दशा के बारे में कई बार समाचार भी लिखा गया।
निवर्तमान सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा उनके साथ शिवपाल यादव भी भिनगा आये थे। भिनगा से बहराइच तक बनाई गयी फोरलेन का मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा उद्घाटन भी किया गया था। चिकित्सालय की सारी बद्हाली की जानकारी उन्हे थी परन्तु इसकी अनदेखी करते हुए वह फोरलेन का उदघाटन करने के बाद वापस चले गये परन्तु सड़क से उतरकर दूसरी पटरी पर बने संयुक्त जिला चिकित्सालय को देखना मुनासिब नही समझा था।
जहां अधिकतर संविदा के डाक्टर है। एक आदि जो भी डाक्टर है भी उनके बारे में पता नही है कि उनकी क्या योग्यता है क्योकि उनके कक्ष में उनके नाम के स्थान पर किसी की भी योग्यता नही लिखी है। अधिकांश डाक्टर अपने घरो पर रहकर नसिंगहोम चला रहे है। कभी कभी वो चिकित्सालय में आकर अपनी सारी उपस्थिति दर्ज करा लेेते है। यदि डाक्टर आते भी है तो वो दो तीन घण्टे देर से अस्पताल पहुंचते है। इस अस्पताल मे जहां डाक्टरो द्वारा सभी मर्जो के लिए पैरासिटामाल तथा इसी प्रकार की दस पैसे वाली कुछ टैबलेट लिखकर शेष दवायें इंजेक्शन बाहर से खरीदने को लिखते है।
जहां उनका अच्छा कमीशन तय होता है। यही हाल एक्सरे तथा अल्ट्रासाउंड एवं पैथालोजी की जांच का भी है। मरीज एक्सरे तथा अलट्रासाउंड के लिए जब जाते है तो वो अक्सर अपने कक्ष में मिलते ही नही और मिलते भी है तो उन्हे मशीन खराब होने की बात बता दी जाती है। अल्ट्रासाउंड तथा एक्सरे करने पर भी उनसे रूपये लेकर किया जाता है। एमरजेंसी की दशा मे इस अस्पताल में आये मरीज या तो डाक्टर तथा दवा के अभाव में मर जाते है अथवा गम्भीर अवस्था में मजबूरीवस बहराइच जिला चिकित्सालय अथवा प्राईवेट डाक्टरो के यहां शरण लेते है।
सपा सरकार के कार्यकाल में एक मंत्री द्वारा तीन बार इस अस्पताल का निरीक्षण भी किया गया। परन्तु अस्पताल की कोई कमी उन्हे दिखाई नही दी। भाजपा सरकार बनने के बाद उ0प्र0 सरकार के बने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सटीक और कठोर कदम उठाने से तमाम विभागो में हडकम्प मचा हुआ है फिर भी संयुक्त जिला चिकित्सालय श्रावस्ती की बदहाली पूर्व की भाति वैसे ही बनी हुई है। यहीं हाली निचले स्तर पर लगभग श्रावस्ती के सभी विभागो का यही हाल है। जहां इस समय जमकर लूटपटाट हो रही है। अभी कुछ ही दिनो की बात है कि जहां कौशल विकास मिशन सिरसिया में एक सीधे साधे अंजान व्यक्ति से नामांकन के लिए 1500रू0 यह कहकर ले लिया की हम तुम्हारा सारा काम करा देंगे।
तुम्हे कही नही जाना पडेगा। परन्तु कुछ दिन इंतजार करने के बाद जब उसका काम नही हुआ तो उसने जिलाधिकारी से शिकायत करने की बात कहने पर उसने 500रू0 तो वापस कर दिए और शेष रूपये हजम कर गया। इसी प्रकार इस पिछडे जनपद मे अशिक्षित एवं अनपढ़ सीधे साधे लोगो को लूटा जा रहा है। सडक हो या बिजली, खडंजा नाली हो या इंटरलाकिंग या सौर ऊर्जा लाइट सबकी एक ही जैसी दशा है। सबसे बुराहाल उन लोगो का है जो अपनी एक साधारण सी समस्या के लिए एक आवेदन पत्र लिखाने के लिए दूसरो के आश्रित रहते है।
यहां के कुछ ग्राम प्रधान तथा कोटेदार एवं ग्राम पंचायत अधिकारी ऐसे लोगो केे की पासबुके तथा राशनकार्ड वर्ष भर अपने ही जेब में रखे रहते है और इनमें से एक आदि ऐसे भी है जो उनकी पासबुक देकर उन्हे साथ ले जाकर उनके खाते से रूपये निकलवा के गिनकर सारे रूपये अपनी जेब में रख लेते है। और खातेदार को सौ दौ सौ रूपये पाकर ही संतोष कर लेना पड़ता है। क्योकि वो जानते है कि बाबू जी/भैया जी से अगर कुछ जोर से बोलूंगा तो हमंे कुछ भी बडी से बडी सजा भुगतनी पड सकती है। यदि मुख्यमंत्री योगी जी की नजरे यहां के लिए भी हो जाये तो इन काले कारनामो का पर्दाफास हो जायेगा। जिसकी प्रतिक्षा यहां की जनता बडी बेसबरी से कर रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट:  प्रवीण  मिश्रा
केयर ऑफ  मीडिया
     श्रावस्ती
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