परीक्षा केंद्रों पर मीडिया का प्रवेश वर्जित, प्रशासन ने जारी किया तुगलकी फरमान


अंबेडकरनगर। बोर्ड परीक्षा में व्यवस्थाओं को लागू करने में विफल जिला प्रशासन अंबेडकरनगर ने परीक्षा केंद्रों पर मीडिया का प्रवेश वर्जित कर दिया है। ऐसे में जिला प्रशासन के ऊपर एक सवाल खड़ा हो रहा है कि जहां प्रशासन नकलविहीन परीक्षा का दावा कर रहा है तो वही मीडिया का परीक्षा केंद्रों पर जाने से मना कर रहा है।
तूगलिया फरमान की तरीके से जिला प्रशासन ने मीडिया का प्रवेश वर्जित करके साफ तौर पर सवालों के घेरे में आ गया है कई तरीके के सवाल उठ रहे हैं या तो लग रहा है कि जिला प्रशासन नकलविहीन परीक्षा को कराने की कोशिश नहीं कर रहा है या फिर नकल को बढ़ावा देना चाहता है। ऐसे में स्वतंत्र पत्रकारों को अगर परीक्षा केंद्रों पर जाने से रोकने पर साफ हो गया है कि जिला प्रशासन नकल को बढ़ावा देने में लगा हुआ है।
 कुल मिलाकर के जिले में 174 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं कई ऐसे विद्यालय है जिनके ऊपर नकल कराने का अच्छा अनुभव माना जाता है ऐसे में परीक्षा देने गए कई छात्र छात्राओं से हमारे संवाददाता ने बात की तो छात्रों ने कहा की नकल बिल्कुल तरीके से रोक देनी चाहिए क्योंकि कुछ बच्चे जो हैं पूरी मेहनत और लगन से रात दिन एक करके पढ़ते हैं और फिर परीक्षा देते हैं तो वहीं कुछ ऐसे भी बच्चे होते हैं जो दिन भर घूमता रहते परीक्षा देने चले जाते हैं और नकल से उनके अच्छे नंबर आ जाते हैं तो ऐसे में योग्यता पर भी सवाल उठना लाज़िम है कि अगर दोनों एक जैसे हो जाएंगे तो क्योंकि आने वाले भविष्य में इन्हीं बच्चों में से कोई डॉक्टर होगा कोई नेता होगा तो कोई डीएम तो कोई SP बच्चों के भविष्य के साथ अगर जिला प्रशासन इसी तरीके से खिलवाड़ करता रहा तो इस देश का कल्याण कैसे होगा।
जबकि यूपी बोर्ड परीक्षा नकल के नाम पर काफी फेमस रही है कई बार कई विद्यालयों से पिछले बार प्रशासन व मिडिया के एक्टिव होने से नकल करवाते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थे इसके बावजूद भी जिला प्रशासन फिर उन्हें को परीक्षा केंद्र बना करके विद्यालय पर नकल कराने की छूट दे रखी है अगर ऐसा ही होता रहा तो आने वाले भविष्य में लोगों के पास डिग्री तो होगी पर ज्ञान नहीं होगा तो ऐसी डिग्री का क्या मतलब जो सिर्फ नाम की हो काम की ना हो इस पर प्रशासन को इस पर मंथन करना चाहिए सोच विचार करना चाहिए ताकि आने वाला भविष्य प्रदेश के साथ देश का भी अच्छा हो कि जब लोग शिक्षित होंगे तो प्रदेश के साथ देश भी आगे बढ़ेगा सिर्फ डिग्री हासिल कर लेने से कोई मतलब नहीं बनता यह सब प्रशासन की कार्य प्रणाली पर उंगलियां उठना तो लाजिम है इसलिए हमने कई बच्चों से बात करने के बाद इस खबर को प्रकाशित किया है।
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