अज़हर उमरी
कासगंज। जिलाधिकारी के0विजयेन्द्र पाण्डियन ने कहा कि महिला एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिये अस्पतालों में अधिक से अधिक प्रसव कराने पर विशेष ध्यान दिया जाये, ताकि महिलाओं को समय पर समुचित उपचार व सुविधायें मिल सकें। गंगा के किनारे स्थित 29 गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनायें। स्थानीय सब सेन्टरों को सक्रिय करें। परिवार कल्याण को बढ़ावा देने के लिये पुरूषों को नसंबदी कराने पर 3 हजार रू0 प्रोत्साहन स्वरूप दिये जायेंगे।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उन्होंने कहा कि अस्पताल नजदीक होने के बाबजूद जो एएनएम घरों पर प्रसव कराती हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। डिलीवरी रिपोर्ट समय से अंकित हों। शिशुओं और गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण जरूर करायें, समय से टीकाकरण कराकर उन्हें नियमित आवश्यक उपचार दें। जनपद की सीमा से लगे क्षेत्रों में मिसिंग डिलीवरी न होने पाये। समस्त आशाओं और एएनएम को सक्रिय करें। महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ तुरंत दें। प्रत्येक सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर संचालित स्वास्थ्य सेवाओं का क्षेत्रीय जनता को पूरा लाभ मिलना चाहिये।
परिवार कल्याण योजना के अन्तर्गत पुरूष नसबंदी लक्ष्य से काफी कम है। पुरूषों को स्वेच्छा से नसबंदी कराने पर रेडक्रास के माध्यम से 3 हजार रू0 देकर प्रोत्साहित किया जायेगा। प्रत्येक एएनएम को वर्कप्लान दिया जाये। समस्त गर्भवती महिलाओं का कम्प्यूटराइज्ड पंजीकरण हों, उन्हें समय से आयरन की गोलियां दें। क्षेत्र में कुल कितने प्रसव प्रतिमाह हों रहे हैं, कितने घरों पर, कितने अस्पतालों में, इसकी पूरी जानकारी रखी जाये।
बैठक में सीएमओ डा0रंगजी द्विवेदी, डिप्टी सीएमओ डा0अविनाश, डा0वीके राजपूत, यूनीसेफ से डा0सफदर अली खान, डीपीआरओ, डीपीओ एवं समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।
