सीतापुर/सिधौली। नोटबंदी की व्यवस्थागत नीति के नियंता लोगों की जरूरी तैयारी के पहले से ही नोटों को बंद किया जाना आमजन के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। उर्जित पटेल के हस्ताक्षर से सितम्बर माह मे नए नोटों की छपाई होना साबित करता है कि 86 प्रतिशत नोटों के सापेक्ष केवल दो माह में 14 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा अर्थव्यवस्था में लाना संभव नहीं था। यह बात जनमुक्ति संघर्ष वाहिनी की राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य व " नोटबंदी से प्रभावित: आमजन या खासजन " खुली बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अशोक भाई ने कही। उन्होंने कहा कि देश के भीतर किसान,आमजन , मध्यम वर्ग परेशान है। नोटबंदी के सुधार के लिए 50 नहीं 100 दिन भी नाकाफी है। उन्होंने कहा कि कैशलेश सिस्टम भारत जैसे देश में चलने वाला नहीं है क्योंकि यहां पर सर्वर ही आये दिन फेल रहता है। उन्होंने कहा कि दो हजार रुपये की नोट को बाजार में आम नागरिक का चलाना भी जटिल कार्य है। लेखक डॉ0 रिजवान अली जब्बार अंसारी ने कहा कि किसान, कामगार, मजदूर पीएम मोदी की अर्थनीति से प्रभावित हुआ है। बड़ी बड़ी बैंकों के सामने लगी हुई लाइनें इस बदहाली को बयां कर रही है। उन्होंने मोदी सरकार की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। उन्होंने कहा कि इस नोटबंदी का हश्र आने वाले ढाई वर्षों में जनता देखेगी। भाजपा नेता एवं सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव प्रभारी बच्चे प्रसाद बाजपेई ने अपने सम्बोधन में मोदी जी के कदम को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से आज तक किसी सरकार ने इस तरह के साहसिक फैसले को लेने की हिम्मत नहीं जुटाई। संयुक्त राष्ट्र अमेरिका तक भी मोदी के आगे नतमस्तक हुआ है। भारत की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साख बढ़ी हुई है। बसपा नेता एवं अधिवक्ता रामकृपाल गौतम सिकंदर ने कहा कि नोटबंदी की इमरजेंसी से जनता में तबाही है। खासजन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। आमजन के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। बैंक मे आम व खास की कैटेगरी हो गयी है। किसानों की खेतों का पलेवा तक नहीं हुई हैं। अनेक किसानों के खेत धन के अभाव में परती पड़े रह गए है। शिक्षाविद् आरडी वर्मा, वरिष्ठ पत्रकार गंगाराम मिश्र, सत्येंद्र गुप्त, पंकज अग्निहोत्री, सुर्यबक्स सिंह, ओमप्रकाश मौर्य, रामबिलास कुशवाहा आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन उपजा के स्थानीय अध्यक्ष शरद मिश्र ने अध्यक्षता की। संचालन अनुराग आग्नेय एवं आये हुए अतिथियों के प्रति आभार जसवा के बुद्धप्रकाश ने व्यक्त किया। बैठक में पत्रकारों सहित नगर के अनेक समाजसेवी इकट्ठा रहे।
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