चुनाव से पहले दंगा, चारों ओर खूनी जंग

नई दिल्ली। देश में चुनावों से पहले पूर्वोत्तर में दंगे हो गए हैं। दंगों के चलते इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई है। मणिपुर में एक पुलिसकर्मी की हत्या के खिलाफ और यूनाइटेड नागा काउंसिल(यूएनसी) की ओर से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा के बाद हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार ने सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को राज्य में इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया है। इसके अलावा इंफाल के पूर्वी और पश्चिमी भाग में भी कफ्र्यू लगा दिया गया है। उग्रवादी संगठन नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-इसाक मुइवा (एनएससीएन-आईएम) और यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिकर्मियों के बीच हुई झड़पों में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। इन झड़पों में लगभग 20 वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। पूर्वी इंफाल के जिलाधिकारी ने लामलोंग से यैंनगांगपोक्पी तक कफ्र्यू लगाने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी ने मुख्य सड़क पोरोमपाट और सावूमबंग के आस पास भी कफ्र्यू लागू करने की घोषणा की है। पश्चिमी इंफाल के जिलाधिकारी ने शाम साढ़े छह बजे से कफ्र्यू प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की है। पूर्वी इंफाल के जिलाधिकारी निंगथोऊजाम ज्यौफ्री ने क्षेत्र से हिंसात्मक गतिविधियों की घटनाओं की सूचना आने की खबरों की पुष्टि की है। पूर्वी इंफाल के जिला अधिकारी ङ्क्षनगथोऊजाम ज्यौफ्री ने कहा कि क्षेत्र में अस्थिरता फैलाये जाने की रिपोर्ट मिली है जिससे शांति और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाव के लिए धारा 144 की उप धारा 2 के तहत क्षेत्र में रविवार दोपहर कफ्र्यू लगा दिया गया। गत 31 अक्टूबर से यूएनसी ने राज्य में अनिश्चितकालीन नाकेबंदी की घोषण की थी जिसके बाद राज्य में भोजन, दवाइयों, पेट्रोलियम उत्पादों और अन्य आवश्यक आपूर्ति की कमी हो गई है। केन्द्र सरकार द्वारा 500 और एक हजार रुपए के पुराने नोटों को बंद करने से स्थिति गंभीर हो गई है। यूएनसी के समर्थक राज्य के बाहर से सामान ला रहे लोगों से उनका सामान छीन रहे हैं। एनएससीए-आईएम ने पिछले दिनों पुलिस बल पर हमला किया था जिसमें तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। शनिवार को एक महिला संगठन की हड़ताल के दौरान स्थिति हिंसक हो गई थी और बड़ी संख्या में वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। हिंसा को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी जिसमें चार लोग घायल हो गए। तनावपूर्ण स्थिति और हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर राज्य सरकार ने सभी इंटरनेट सेवाओं को तुरंत रोकने का फैसला किया। सरकार ने कहा कि राज्य में तनाव की स्थिति को देखते हुए इंटरनेट को बंद करने का फैसला किया गया है ताकि लोग सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाये जा रहे अफवाहों पर ध्यान न दे।

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