40 इनामी नक्सलियों के खातों में मिले 55 करोड़ रूपये


नई दिल्ली। नोटबंदी का असर केवल आम नागरिकों पर ही नहीं पड़ा बल्कि इसका प्रभाव नक्सली भी पड़ता दिखाई दे रहा है। इसी के चलते झारखंड में 40 नक्सलियों के खातों पर बैंक प्रशासन ने रोक लगा दी है।

बैंक प्रशासन के इस कदम के बाद न तो इन खातों से न राशि निकाली जा सकती है और न ही जमा की जा सकती है। इन 40 खातों में करीब 55 करोड़ रूपये जमा है। इन 40 खातों में से 15 खाते कुख्यात नक्सलियों के हैं जिन पर इनाम भी घोषित है। यह सभी खाते सीज कर दिए गए हैं।
फिलहाल रांची, जमशेदपुर और चाईबासा जिलों में स्थित बैंकों में नक्सलियों के खातों को  सीज कर  है।  इस बात की भी जांच की जा रही है कि नक्सलियों के खाते बिना किसी रोक टोक के कैसे चल रहे हैं। वही पुलिस इस बात पर भी नजर बनाए हुए है कि कोई भी नक्सली अपने परिजनों के खातों में रकम जमा न कराए । साथ ही उनके रिश्तेदारों के खातों को भी सीज कर दिया गया ताकि किसी भी तरह का लेन—देन न हो।

बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ नक्सलियों की पत्नियां मुखिया जिला परिषद की सदस्य हैं इसलिए उन सब के खातों पर भी खासी नजर रखी जा रही है। जिन बड़े नक्सलियों के खातों पर रोक लगी है उनमें अक्रमांझी, ब्रजेश गंझू, बिंदू गंझू और शेखर गंझू का नाम शामिल है। ईडी की पटना इकाई इस मामले की जांच कर रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के बाद अब तक करीब 564 नक्सलियों और समर्थक पुलिस के सामने सरेंडर कर चुके हैं।
इसके अलावा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में इस बात पर भी गौर किया जा रहा कि जिन जनधन खातों में नोटबंदी के बाद बड़ी रकम जमा की गई है या कराई जा रही है उन पर भी नजर बनाई हुई है। बता दें कि 8 नंवबर को पीएम मोदी के 500 और 1 हजार के नोटबंदी की घोषणा करने के बाद से ही पैसों लेकर गड़बड़ी की खबरें सामने आना जारी है।

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