एसपी मित्तल
22 नवंबर को 7 राज्यों के 14 उप चुनावों के नतीजे घोषित हो गए। परिणाम से पहले यह कहा जा रहा था कि नतीजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी पर होंगे। यानि यदि भाजपा की हार होती है तो यह माना जाएगा कि देश के नागरिक नोटबंदी के खिलाफ है, लेकिन यदि भाजपा की जीत होती है तो यह माना जाएगा कि लोग नरेन्द्र मोदी के साथ हैं। लेकिन 22 नवंबर को जो नतीजे सामने आए उनसे ऐसा लगता है कि चुनाव पर नोटबंदी का कोई असर ही नहीं हुआ। नोटबंदी की घोषणा से पहले जो राजनीतिक हालात थे, वैसे ही चुनाव के परिणाम आए हैं। भाजपा शासित वाले मध्य प्रदेश में भाजपा उम्मीदवारों की जीत हुई है तो पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी के उम्मीदवार ही जीते हैं, लेकिन वहीं असम और अरूणाचल प्रदेश में भाजपा जीती है। त्रिपुरा में सत्तारूढ़ सीपीआईएम, तमिलनाडु में जयललिता की अन्नादु्रमक तथा पांडेचरी में कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी हुए। उप चुनाव के नतीजों को हर राजनीतिक दल अपने पक्ष में बता सकता है।
