इमरान मंसूरी
सीतापुर। पिछले काई महीनों से क्षेत्र में सी एच सी पहला के डाक्टरों की लापरवाही ,लेट लतीफी,मरीजों के साथ अभद्रता की चर्चा लगातार फैल रही है। जिसमें मरीजों व तीमारदारों से सुविधा शुल्क लेना,अस्पताल के सामने गुप्ता मेडिकल से लिखी जाती हैं दवाएं जो मंहगी और इसी मेडिकल पर मिलती हैं,दवाई सरकारी पर्चे पर न लिखकर अलग पर्ची पर लिख कर दिया जाता है।
आज हमने इसकी पडताल की तो सच्चाई सामने आ गयी। 9:25 बजे तक कोई भी डाक्टर अस्पताल नहीं पहुंचा और तीमारदार इंतजार करते मिले है। और चतुर्थश्रेणी के कर्मचारी एक एक्सीडेन्ट के घायल का इलाज चला रहे थे।मरीज दिलीप कुमार ने बताया कि हम यहां 8:45 बजे आ गये थे और अभीतक डाक्टर साहब नहीं आये हैं। अक्सर लेट आते है डाक्टर।
मरीज ओमप्रकाश ने बताया कि हम 8:00 बजे से बैठे हैं कुष्ठ रोग का इलाज कराने आये हैं एक घंटा बैठे हो गये हैं किसान आदमी हूं घर होता तो कुछ काम ही करते। तीमारदार मनोज सिंह ने तो पूरे अस्पताल की पोल खोल दी बताया कि डाक्टर काफी लेट आते है और कमीशन के चक्कर में ज्यादातर दवाई बाहर से लिखी जाती है। दूसरी जगह से लेने पर डाक्टर अभद्रतापूर्ण बातें करते हैं थोडी सी परेशानी पर प्रसव के मामले सीतापुर रेफर कर दिया जाता है।
लालजी ने बताया की हम अपनी दवाई लेने 9 बजे आये थे पर अभी तक डाक्टर साहब नही आये हैं। तीन बार दवा लेकर गये हैं फायदा नहीं हो रहा है।
अपनी पत्नी वाहिदा बानो की दवा लेने आये गुलाम दस्तगीर ने बताया कि डाक्टर राजीव कुमार वर्मा ने मेरी पत्नी को दवाई सामने वाले मेडिकल से लाने को कहा दवाई मंहगी होने पर मैने दूसरे मेडिकल से ली तो उन्होने कहा कि तुम लोग गधे के गधे ही रहोगे और दवाई वापस करने को कहा। प्रसव के मामले में एक सुखदेई नाम की महिला ने बताया कि यहां पर लडकी होने पर 300 सौ तथा लडका होने पर 500 रुपये लिए जाते है। मेहतर तारा देवी ने बताया कि मेरे लिए सरकार की तरफ से प्रति डिलेवरी आने वाले 100 रुपये में से भी पचास मिलते है बाकी पता नहीं कहां चले जाते हैं तथा प्रसूता से उल्टी सीधी बातें बोलकर बद्तमीजी भी की जाती है।
अधीक्षक की गैरमौजूदगी में चिकित्साधिकारी आर बी सिंह से इन सारे मामलों में उनका पक्ष जानना चाहा तो अपनी दबंगई पर उतारु हो गये और कहने लगे मैं आपको कैसे पता है कि मैं लेट में आया हूं मैं यहां आठ बजे आ गया था मेरे यहां बहुत सारी दवाइयां कम शार्ट चल रही है और डेंटलमशीन को सेट करने अभी तक कोई नहीं पहुचा क्या सी एम ओ को यह नहीं पता है।यहां नेतागिरी काफी होती है कहीं प्रधान तो कहीं ब्लाक आदि से फोन आते हैं उनके हिसाब से चलना पडता है। आपको जो कुछ लिखना है लिखिए मुझे कोई डर नहीं है सिर्फ मेरा ट्रांसफर ही हो सकता है और कोई कुछ नहीं कर सकता है। इस सम्बन्ध मे सी एच सी अधीक्षक पहला एके सिंह से फोन से बात की गयी तो उन्होने बताया मैं मीटिंग में हूं। और समय से न पहुंचने वाले डाक्टरों का एक दिन का वेतन रोका जायेगा।और आगे कार्यवाही के लिए उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जायेगा।
इस मामले में जब सी एम ओ सीतापुर से उनके मोबाइल पर बात की गयी तो उन्होने मीटिंग में हूं कहकर फोन काट दिया।

