इसरार अहमद
बहराइच। सूबे की सत्ता बदलते ही मानो पुलिस के पंख लग गए हो और अब वह आक्रामक अंदाज़ में दिखने लगी है।
जनपद के कोतवाली नानपारा अंतर्गत शंकरपुर चौराहे पर व आस-पास के गाँव देहात में लगने वाली बाज़ारो में कई वर्षो से बिक रहे मांस के दुकान को पुलिस ने बन्द करवा कर लोगो को प्रदेश में बदली हुकूमत का अहसास करवा दिया।
और अब मुस्लिम समाज के लोगों को यह अहसास हो गया कि यूपी में भाजपा की सरकार के आते ही यह सब तो होना स्वाभाविक था।
क्योकि यूपी राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह का वह बयान कि यदि यूपी में भाजपा की सरकार आई तो स्लाटर हॉउस बन्द हो जायेंगे।अब सच साबित हो रहा।
दो वक्त की बमुश्किल रोटी के पैसे इकट्ठा करने वाला गरीब मुस्लिम तबके का जवान कभी-कभी ही सही लेकिन अपने मुंह का स्वाद बदलने के लिए कम पैसो में गोस्त की एक बोटी जरूर अपने घर लाकर खुद व अपने बच्चों को खिलाता था।लेकिन शायद अब इस बदले निज़ाम में सम्भव नही।
आखिर कानून के नुमाइंदों की वजह से ही यह मांस बेचने वाले लोग मामूली सुविधाशुल्क पर पुलिस की मिलीभगत से छोटे-छोटे चौराहे व बाज़ारो में विक्री किया करते थे। लेकिन अब शायद इस बदले हुए निज़ाम यह सब कर पाना मुश्किल काम है।
अब पुलिस प्रशासन खुद ही जागकर इस काम को रोक रही है या फिर किसी सत्तापक्ष के राजनेता के इशारो पर यह सब हो रहा है। फ़िलहाल लोगो में इस बात की चर्चा काफी हो रही है कि यह बदले हुए निज़ाम की हनक है।
सबसे बड़ा सवाल जो इस वक्त लोगो के जहन में उठ रहा है कि क्या PM मोदी का वह बयान"सबका साथ, सबका विकास"का फार्मूला उत्तर प्रदेश में कायम होगा या फिर यह बयान महज चुनावी जनसभाओ तक ही सीमित रहेगा।
