बड़ी दिलचस्प है इस हिन्दू मुस्लिम जोड़े की प्रेम कहानी, चार बार की शादी



नई दिल्ली।  आईएएम इंदौर में फैज़ और अंकिता के लिए वो दिन भी उन अन्य दिनों के जैसा ही था जब पहली नजर में उन्हें एक दूसरे से प्यार हो गया था।

फैज़ और अंकिता का प्यार को लेकर कहना है- प्यार कोई कारण, धर्म, रंग या जाति नहीं देखता है, इसके लिए मायने रखता है कि आपके सामने जो व्यक्ति खड़ा है, वो भरोसेमंद है या नहीं!

ऐसा नहीं है अंकिता-फैज़ के प्यार को समाज ने आसानी से स्वीकार किया, अंकिता के मां बाप भी उनकी शादी के खिलाफ थे।

अंकिता ने फैज से शादी के लिए अपने माता पिता को दो सालों तक राजी किया। लेकिन वो मानने को तैयार ही नहीं थे क्योंकि मुस्लिम लोगों को चार शादी करने की छूट है और वे मांसाहारी भी होते हैं।

ऐसे में अंकिता के माता पिता किसी भी कीमत पर राजी नहीं हुए। हालांकि अब ये दोनों शादी कर चुके हैं। आपको जान कर विश्वास नहीं होगा कि फैज से अंकिता से 4 बार शादी की।

सबसे पहले फैज़ और अंकिता ने 17 फ़रवरी को हिन्दू रीती-रिवाजों के अनुसार राम मंदिर में शादी की. फिर वे विशेष विवाह अधिनियम के तहत एक अदालत विवाह के लिए गए, जो मुसलमानों को चार बार शादी करने की इजाजत नहीं देता।
अंकिता और फैज़ अपनी शादी को अपनी ज़िन्दगी के सबसे हसीन पलों में शुमार करना चाहते थे इसलिए वो अपने कुछ दोस्तों और परिवार के साथ गोवा पहुंचे और वहां एक बार फॉर उनका निकाह पढ़ा गया। इसके बाद उन्होंने एक बार फिर हिन्दू रीति रिवाजों के अनुसार सात फेरे लिए और शादी के परिणय सूत्र में बंध गए।
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