रियाजुल हक़ जौनपुर। कहते है शिक्षक की महत्ता ईश्वर से भी ऊपर होती है।पर कल युग में सब कुछ बदल सा गया है।अब शिक्षक को भाड़े का टट्टू समझ लिया गया है। नगर क्षेत्र के एक इंटर कालेज के रसायन विज्ञान के शिक्षक विवेक तिवारी ने बताया की इसी हफ्ते मे एक इंटर की छात्रा को उन्होंने कक्षा मे पढ़ाते वक्त डाँट दिया था। क्योंकि वह शोर मचा रही थी। तो उस छात्रा ने उल्टा शिक्षक को ही इसका बुरा नतिजा भुगतने एवं देख लेने की बात कही थी। शिक्षक ने छात्रा को नासमझ समझ कर इस और ज्यादा ध्यान नही दिया।पर कल शाम को जब वह स्कूल से पढ़ाकर नगर के परमानतपुर मोहल्ले पहुँचे थे की कुछ शोहदो ने उनका रास्ता रोक लिया और उन पर लाठी व हाकी से हमला कर दिया।इतना ही नही वो जब लहुलुहान होकर जमीन पर गिर गये तो शोहदो ने उनके सिने पर मोटरसाइकल चढ़ाने की कोशिश की जब अगल बगल के लोगो की नजर पड़ीं तो उनकी जान बची। शिक्षक जब अपने ऊपर हुए हमले की शिकायत थाना लाइन बाजार पुलिस को करने गये तो उल्टा रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय पुलिस मामले की गम्भिरता को न देखते हुए सिर्फ़ मारपीट का केस दर्ज करने की बात कर रही है।इससे भुक्तभोगी शिक्षक मे रोष है और वह मामले की शिकायत पुलिस के उच्च अधिकारीयो से करने की बात कह रहे है।आधुनिकता की दौड़ मे अब छात्र एवं छात्राए शिक्षको का सम्मान करना तो दुर उनका इस तरह अपमान करेंगे इससे शिक्षक विवेक तिवारी बहुत आहत है।
रियाजुल हक़ जौनपुर। कहते है शिक्षक की महत्ता ईश्वर से भी ऊपर होती है।पर कल युग में सब कुछ बदल सा गया है।अब शिक्षक को भाड़े का टट्टू समझ लिया गया है। नगर क्षेत्र के एक इंटर कालेज के रसायन विज्ञान के शिक्षक विवेक तिवारी ने बताया की इसी हफ्ते मे एक इंटर की छात्रा को उन्होंने कक्षा मे पढ़ाते वक्त डाँट दिया था। क्योंकि वह शोर मचा रही थी। तो उस छात्रा ने उल्टा शिक्षक को ही इसका बुरा नतिजा भुगतने एवं देख लेने की बात कही थी। शिक्षक ने छात्रा को नासमझ समझ कर इस और ज्यादा ध्यान नही दिया।पर कल शाम को जब वह स्कूल से पढ़ाकर नगर के परमानतपुर मोहल्ले पहुँचे थे की कुछ शोहदो ने उनका रास्ता रोक लिया और उन पर लाठी व हाकी से हमला कर दिया।इतना ही नही वो जब लहुलुहान होकर जमीन पर गिर गये तो शोहदो ने उनके सिने पर मोटरसाइकल चढ़ाने की कोशिश की जब अगल बगल के लोगो की नजर पड़ीं तो उनकी जान बची। शिक्षक जब अपने ऊपर हुए हमले की शिकायत थाना लाइन बाजार पुलिस को करने गये तो उल्टा रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय पुलिस मामले की गम्भिरता को न देखते हुए सिर्फ़ मारपीट का केस दर्ज करने की बात कर रही है।इससे भुक्तभोगी शिक्षक मे रोष है और वह मामले की शिकायत पुलिस के उच्च अधिकारीयो से करने की बात कह रहे है।आधुनिकता की दौड़ मे अब छात्र एवं छात्राए शिक्षको का सम्मान करना तो दुर उनका इस तरह अपमान करेंगे इससे शिक्षक विवेक तिवारी बहुत आहत है।