इन दिनों देश में "झूठमेव जयते" और झूठ का परचम लहरा रहा है


मोहम्मद जाहिद
देश में झूठ का परचम लहरा रहा है , जिस देश में कभी सत्य की जीत होती थी वहाँ अब झूठ जीत रहा है। "झूठमेव जयते" अब इस देश की आत्मा है। संधियों की हर कहानी झूठ से शुरु होकर झूठ पर ही खत्म हो जाती है। इतिहास से लेकर वर्तमान तक इसका उदाहरण है।

चैम्पियन्स ट्राफी में भारत की हार का उपयोग झूठ के आधार पर फैला कर देश के मुसलमानों को गालियाँ दिलाई गयीं कि इन्होंने पाकिस्तान की जीत की खुशी में जश्न मनाए , यह वीडियो वायरल कराया गया और इसके अतिरिक्त तमाम फोटोशाप्ड फोटो वायरल कराए गये। फटाके फोड़ने की अफवाहें फैलाईं गयीं।

यह लोग कितने नीच हैं वह इससे समझिए कि भारत की हार का भी उपयोग भारत में घृणा फैलाने के लिए करते हैं। हुकूमत इनकी है तो यह स्वतंत्र हैं।

शौच करती मुस्लिम महिलाओं का वीडियो बनाने पर विरोध करने के कारण मार दिए गये ज़फर की कब्र खोद कर लाश के साथ गंदगी फैलाई गयी और राजस्थान की सरकार लीपा-पोती करके दोष जानवरों पर डाल रही है। शायद वह जानती नहीं कि कब्र के चार फिट नीचे बिछी चटाई जिसे गीली मिट्टी से दबाया जाता है उसे कोई जानवर निकाल कर बाहर नहीं फेंक सकता , कफन को खींच कर बाहर नहीं किया जा सकता। जानवर केवल कब्र खोद सकते हैं लाश को खा सकते हैं। दरअसल केवल और केवल झूठ की जीत हो रही है।

झारखण्ड के चक्ररधरपुर में भारतीय क्रिकेट टीम के हार के बाद मुसलमानों की तमाम दुकानों को जला दिया गया और प्रशासन अब इसे शार्ट सर्किट बता रहा है।

अपराध करने वालों का जब पुलिस और प्रशासन ही साथ देने लगे और बचाने लगे तो इस देश में सच कैसे जीतेगा ?

खुद देखिए इनकी करतूत

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